बचपन की यादों से भावुक हो उठे बिग बी
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नैनीताल,
बृहस्पतिवार,
जून 5,
2008
मौका था उत्तराखण्ड में नैनीताल स्थित विख्यात शेरवुड कालेज के वार्षिकोत्सव का। अमिताभ बच्चन मंगलवार देर शाम कॉलेज में अपने प्रशंसकों सहित जब सहपाठियों से मिले तो वह भूल गये कि वह जेड प्लस सुरक्षा घेरे में हैं। वे सुरक्षा घेरे को तोड़ अपने सहपाठियों से गले मिले और उनका हाल चाल जाना।
शेरवुड कॉलेज परिसर में लगी अपनी तमाम पुरानी तस्वीरों को देख तो वे भावुक हो उठे। यहां बिताए गए दिनों में उन्होंने अपनी पढ़ाई, शरारत तथा कॉलेज के बोर्डिंग में लगाए चक्करों को याद किया। अमिताभ ने 1958 में शेरवुड कॉलेज से ही सीनियर कैंब्रिज की परीक्षा पास की थी। उन्होंने 50 वर्ष बाद अपने बचपन के स्कूल की तरफ मुड़कर देखा। इससे पूर्व बिग-बी का स्कूल के प्रिंसिपल अमनदीप संधू ने कॉलेज परिसर में काफी भाव-विभोर होकर स्वागत किया। बुधवार को अपरान्ह पंतनगर स्थित एयरपोर्ट पर बच्चन की बहू ऐश्वर्या तथा अभिषेक भी अपने चार्टर्ड प्लेन से उतरे तथा संक्षिप्त विश्राम के बाद सड़क मार्ग द्वारा नैनीताल पहुंचे। बच्चन परिवार यहां शेरवुड कालेज के वार्षिकोत्सव में भाग लेने आया हुआ था। मंगलवार को नैनीताल पहुंचे बच्चन के साथ उनकी पत्नी जया बच्चन, सपा महासचिव अमर सिंह भी थे।
बिग बी ने कॉलेज की उस चढ़ाई को पैदल ही तय किया, जिसमें वह कालेज के दिनों में प्रतिदिन दर्जनों चक्कर लगाते थे। पर्वतीय मालाओं से घिरे तथा विश्वप्रसिद्ध नैनीताल झील के समीप ही बने शेरवुड कालेज के प्रिंसिपल के आवास पर जब बच्चन पहुंचे तो उनके मुंह से अनायास ही निकल गया कि क्या खूबसूरती है। रास्ते में लोगों ने बिग बी को घेर ऑटोग्राफ लेने तथा ग्रुप फोटों खिंचाने का भी प्रयास किया। कुछ बच्चों को ऑटोग्राफ देने के अतिरिक्त बच्चन ने किसी का आग्रह स्वीकार नहीं किया। बच्चन की 65 वर्ष की उम्र में भी यह अदा देखने लायक थी। 48 वर्षीय राज्य के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रकाश तिवारी ने कहा कि उनसे तो एक वरिष्ठ शल्य चिकित्सक ने शर्त लगा रखी थी कि 65 वर्षीय अमिताभ के चेहरे पर झुर्रियों को छिपाने का कमाल कैमरे का होता है, लेकिन बिग-बी को आमने-सामने देख शल्य चिकित्सक हार गए।
उन्होंने कहा कि बिग-बी तो एकदम तरोताजा लग रहे थे। उन्होंने पंतनगर एयरपोर्ट में संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में उत्तराखंडवासियों को प्यार से रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यहां की वादियों से प्यार झलकता है। वह पचास साल पहले की यादों में खोते नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने देवभूमि में पढ़ाई की है। उनकी यहां से यादें जुड़ी हैं। कालेज प्रशासन ने बच्चन के सभी सहपाठियों को आमंत्रित किया हुआ था।
आईफा के ब्रांड एम्बेसडर होने के नाते बैंकाक में बृहस्पतिवार से आयोजित होने वाले आईफा पुरस्कार के कार्यक्रम में भारी व्यवस्तता के बावजूद भी अमिताभ का यहां आना उनके प्रशंसकों को भा गया। बच्चन ने कहा कि दुनियाभर के दर्शकों ने भारतीय सिनेमा को बुलंदियों पर पहुंचाया है, इसलिए वह अनेक प्रमुख देशों की यात्रा कर अपने प्रशंसकों से मिल रहे हैं। शेरवुड कॉलेज में पढ़ रहे छात्र कुणाल मलिक ने पिता 60 वर्षीय सुभाष मलिक को बताया कि उन्होंने बिग-बी के दीदार इतने नजदीक से हो सकेंगे, ऐसा कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था।