• Sign Up
  • |
  • Sign-In Sign Out
  • |
  • Make us your home
  • |
  • RSS
1 42 Video %>
1 52 News %>
1 57 Photo %>
1 64 Interactives %>
1 69 Leisure %>
1 74 Filmhai %>
1 80 Auto Guide %>
1 141 Dharm and Sahitya %>
1 81 Astro %>
1 179 Jobs %>
SME
 IST 22,  2009  14:02 नवंबर Last Updated :
फोकस
क्या राष्ट्रद्रोही थे महात्मा गांधी!
भाषा
मुंबई, बृहस्पतिवार, जून 26, 2008
टिप्पणियां:
पढ़ें (2)
राजद्रोह का आरोप साबित होने के बाद वर्ष 1923 में ही महात्मा गांधी का वकालत करने का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।

बंबई उच्च न्यायालय के निर्माण के इतिहास से जुड़ी एक किताब में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन सरकार के आदेश के बाद सात न्यायाधीशों वाली पीठ ने वर्ष 1923 में गांधी जी का लाइसेंस रद्द कर दिया था।

यंग इंडिया में वर्ष 1922 में प्रकाशित अपने लेखों के बाद सजा और दोषसिद्ध होने के चलते 17 जनवरी 1923 को गांधीजी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।

महात्मा गांधी पर चले मुकदमे के रिकार्ड वाली पुस्तक के एक अंश के अनुसार राष्ट्रपिता को उन लेखों के लिए दोषी ठहाराया गया था जिसमें उन्होंने अंग्रेज सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताई थी और उसे उखाड़ फेंकने की बात कही थी।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सर नार्मन क्रेनस्टाउन मैक्लाड की अध्यक्षता वाली पीठ के हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि सरकार से मिले 13 जनवरी 1923 के पत्र में इनर टेंपल की पीठ का आदेश भेजा गया है जिसमें बंदी एमके गांधी के नाम को वकीलों की सूची से हटाने का प्रावधान किया गया है।
टिप्पणियां:
पढ़ें (2)
टिप्पणियां
अपने देश की आजादी के लिए राजद्रोह भी राजधर्म है।
सौरभ ्शुक्ला, saurabh3611@gmaij.com, लखनउ
आजादी के पूर्व अंग्रेजों की नजर में स्वाधीनता के महानायक बापू वाकई में राष्ट्रद्रोही थे, परंतु स्वाधीन भारत के हृदयहार हैं। विश्ववन्दय बापू का लाइफस्टाइल ... पढ़ें
Daya Nand Pathak, dayanand_pathak@yahoo.co.in, Sultanpur, New Delhi- 110 030
 
खोजें