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 IST 4,  2009  15:46 जुलाई Last Updated :
भारत से
सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई प्रधानमंत्री की गुजारिश
एनडीटीवी इंडिया संवाददाता
नई दिल्ली, बुधवार, नवंबर 19, 2008
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों के पैनल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक गुजारिश ठुकरा दी है। प्रधानमंत्री ने तीन जजों की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के मामले में वरिष्ठता का ध्यान रखने की गुजारिश की थी।

इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट के पैनल की भेजी फाइल को सरकार उसे वापस लौटा चुकी थी। सरकार ने कहा था कि पैनल के नामों पर दोबारा विचार करे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने बिना कोई फेरबदल किए यह खत वापस सरकार को भेज दिया है।

सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी को पता चला है कि जजों के प्रमोशन में सिर्फ वरिष्ठता ही एकमात्र पैमाना नहीं है। ऐसे में अब प्रधानमंत्री के पास पैनल की सिफारिश को राष्ट्रपति तक भेजने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है।

पैनल ने अलग-अलग हाईकोर्ट के तीन चीफ जस्टिस- जस्टिस एके गांगुली, जस्टिस आरएम लोढ़ा और जस्टिस एचएल दत्तू के नाम सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति के लिए भेजे हैं।
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भारत में जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता का न होना कई कानूनी फैसलों को शक के दायरे में ला खड़ा करता है।
राधाकृष्ण, rk_chengal63@yahoo.co.in, औरंगाबाद
सुप्रीम कोर्ट ने बहुत सही किया है। यह नेता हर जगह दखल देते हैं।
सुधान्शु नागर, sudhanshu_n@rediffmail.com, वाराणसी
अगर यही बात प्रधानमंत्री कहते तो वह राजनीति मसाला बन जाता कि सरकार नियमों का उल्लंघन कर अपने मनचाहे व्यक्ति को जज बनाना चाहती है।
देवेश कुमार सिन्हा, sinhadk57@yahoo.com, पतना, बिहार
 
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