तेल से महंगा होगा पानी
भाषा
दुबई,
बुधवार,
नवंबर 19,
2008
पानी के महत्व को ठीक तरह से नहीं समझा गया तो आने वाले वर्षों में खाड़ी देशों में तेल से ज्यादा पानी महंगा होगा। वैश्विक ऊर्जा मीट्रिंग सर्विस प्रदाता के शीर्ष अधिकारी ने उक्त जानकारी दी। जर्मन कंपनी टैकऐम एजी के मुख्य कार्याधिकारी हर्स्ट एंजलमिलर ने कहा कि यह नासमझी है कि दुनिया के कुछ भागों में पानी को इस तरह खर्च किया जाता है कि मानो यह खूब मात्रा में उपलब्ध है। वास्तव में पानी का स्थान और कोई नहीं ले सकता और जल्द ही इसकी किल्लत हो जाएगी।
अबु धाबी में वर्किंग बिल्डिंग्स पश्चिम एशिया 2008 के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यह आखिरकार तेल से अधिक महंगा हो जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति भी काफी हद तक जिम्मेदार है।
मिसाल के तौर पर दुबई में व्यावसायिक एवं आवासीय परिसंपत्तियों में इस्तेमाल होने वाले पानी के लिए कुछ हद तक एक तय शुल्क लिया जाता है, जिससे लोग पानी बचाने के लिए प्रोत्साहित नहीं होते। गौरतलब है कि वर्ष 2025 तक कुछ अरब मुल्कों में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेगी। हालांकि पानी की खपत को सीमित करने के लिए सरकार द्वारा व्यावहारिक समाधान की मांग की जा रही है।