'विहिप से सोनल के रिश्ते, अमेरिकी नीति पर असर होगा'
भाषा
शुक्रवार,
नवंबर 21,
2008
दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों के साथ नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सत्ता हस्तांतरण दल की सदस्य सोनल शाह के रिश्तों की रिपोर्टों से चिंतित अनेक प्रवासी भारतीयों ने अंदेशा जताया है कि इससे भारत के प्रति अमेरिकी नीतियों में फर्क आ सकता है।
प्रवासी भारतीय समुदाय की ओर से सोनल को लिखे एक पत्र में कहा गया है कि हम विहिप के साथ आपके निजी संबंधों को लेकर न्यायोचित रूप से चिंतित हैं, जिसके सामाजिक मूल्य राजनीति और कार्रवाई ओबामा के आशा और समावेशवाद के संदेश के बिल्कुल विपरीत है। भारतीय समुदाय के तीस प्रमुख नेताओं के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा गया है कि हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कैसे विहिप के साथ आपके वे रिश्ते सत्ता हस्तांतरण दल में आपकी भूमिका और भारत एवं भारतीय अमेरिकियों के प्रति नए प्रशासन की नीतियों को प्रभावित करेंगे।
इस पत्र में सोनल के हाल के उस वक्तव्य का स्वागत किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी निजी राजनीति का विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के विचारों के साथ कोई लेना-देना नहीं है।