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 IST 6,  2009  12:09 जनवरी Last Updated :
दुनिया से
झाडू लगाने से भी गुरेज नहीं अहमदीनेजाद को
वार्ता
शुक्रवार, नवंबर 21, 2008
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अमेरिकी समाचार चैनल फॉक्स न्यूज को दिए साझात्कार में श्री अहमदीनेजाद ने कहा है कि राष्ट्रपति होने के बावजूद उन्होंने कई बार न सिर्फ सफाईकर्मियों की बैठक में हिस्सा लिया बल्कि उनके सरकारी आवास की सड़क पर सफाई भी की।

जब उनसे पूछा गया कि सुबह उठकर आइने में खुद को देखकर उनके जेहन में क्या बात आती है उन्होंने कहा कि आइने में दिख रहे शख्स से मैं कहता हूं कि याद रखना तुम एक अदने से कर्मचारी से ज्यादा कुछ नहीं हो और आज तुम्हारे कंधों पर ईरान राष्ट्र की सेवा करने की बड़ी भारी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि श्री अहमदीनेजाद राष्ट्रपति बनते ही सरकारी आवास और कार्यालय के बेशकीमती कालीनों को तेहरान की एक मस्जिद को दान देकर सबको चौंका दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अतिविशिष्ट मेहमानों के स्वागत के लिए बने विशाल कमरे को बंद कर अपने अधिकारियों से एक ऐसा छोटा और साधारण कमरा तैयार करने को कहा, जिसमें बैठने के लिए सोफे की जगह लकडी की कुर्सियां हों।

अहमदीनेजाद किसी को मंत्री नियुक्त करते समय भी एक हलफनामे पर दस्तखत कराते हैं कि मंत्री पद पर रहते उसकी और परिजनों की आर्थिक स्थिति पूर्ववत रहेगी, लेकिन राष्ट्रपति बनते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी संपत्ति का भी खुलासा करते हुए बताया था कि उनके पास 1977 मॉडल की पीजाट कार और तेहरान की गरीब बस्ती में उनके पिता द्वारा 40 साल पहले खरीदा गया एक छोटा सा मकान और एक बैंक खाता है, जिसमें पैसे के नाम पर कुछ नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने शिक्षक के रूप में तनख्वाह के एवज में मिले 250 डॉलर का खुलासा भी किया है।

ईमानदारी की मिसाल कायम करते हुए श्री अहमदीनेजाद उन्हीं बेनूर तंग गलियों में बने अपने पुश्तैनी घर में रहते हैं। इतना ही नहीं दुनिया में कूटनीतिक और आर्थिक महत्व वाले देश के राष्ट्रपति के रूप में वह वेतन भी नहीं लेते हैं। दलील यह है कि राष्ट्रीय महत्व की सभी संपत्तियों के रक्षक होने के नाते वेतन लेना उन्हें गवारा नहीं लगता। राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी हर रोज हतप्रभ होते हैं जब श्री अहमदीनेजाद अपने बैग से घर के बने नाश्ते का डिब्बा निकालते हैं और पत्नी के हाथ से बनाए सेंडविच तथा रोटी मिल बांट कर खाते हैं। श्री अहमदीनेजाद ने सरकारी खर्च से जनता की जेब पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिए राष्ट्रपति के विशेष विमान को हेंगर में रखवा कर सामान्य विमान से इकनोमी दर्जे के टिकट पर यात्रा करने का फैसला किया।

खर्च में कटौती करने के लिए उन्होंने मोटी तनख्वाह पा रहे अपने कार्यालय के मैनेजर का पद ही समाप्त कर दिया और अपने मंत्रियों के बिना किसी अनुमति के उनके पास तक आने का रास्ता तैयार कर दिया। इसके अलावा वह मंत्रियों के कामकाज की जानकारी लेने के लिए कभी भी अचानक बैठकें भी करते हैं।
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Great! We should follow Ahamdinejaad. Surlely he will take Iran to pinnacle of development and fame.
Munish, monu_m2001@yahoo.com, Meerut
 
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