भारत ने पाकिस्तान को मुंबई हमलों से जुड़ी सभी जानकारियां सौंप दी हैं। एनडीटीवी इंडिया को उन सारे दस्तावेजों के बारे में जानकारी मिली है, जो भारत ने पाकिस्तान और दूसरे करीबी देशों को दिए हैं। बाकी जानकारियों के अलावा इन दस्तावेजों में आतंकियों की आपसी बातचीत के सभी डिटेल्स भी सौंपे गए हैं।
एनडीटीवी को पता चला है कि दो तरह के कागजात दिए गए हैं। एक उन देशों को जिनके नागरिक मुंबई पर हुए हमले में मारे गए और दूसरा पाकिस्तान और कुछ दूसरे एशियाई देशों को।
पाकिस्तान को दिए गए कागजात कुछ कम हैं। इस कागजात में उन पाकिस्तानी नागरिकों की सूची है, जो मुंबई में हमलावरों को निर्देश दे रहे थे। ये उनके नकली नाम हैं। नरीमन हाउस में वस्सी जरार, जंदल, मेजर जनरल और बुजुर्ग। ओबरॉय में वस्सी, जरार और काफा और ताज में वस्सी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक ये लोग आईएसआई के हैं।
इस कागजात में वे बातचीत भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान में बैठे आका यहां पहुंचे आतंकियों के साथ करते रहे।
नरीमन हाउस, 27 नवंबर, शाम 7:45 बजे।
कॉलर : सलाम, मेजर जनरल ने क्या कहा?
रिसीवर : मेजर जनरल ने कहा कि हम जो चाहें वो करें। हमें फिक्र नहीं करनी चाहिए। ऑपरेशन कल सुबह खत्म होना है। अल्लाह से दुआ करो। दो मैगजीन और तीन ग्रेनेड पास रखो और बाकी गोला-बारूद इस्तेमाल कर लो।
नरीमन हाउस, 27 नवंबर, रात 10:26 बजे।
कॉलर : भाई, तुम्हें लड़ना है। ये इस्लाम की इज्जत का सवाल है। इस तरह लड़ो ताकि लड़ाई एक चमकती हुई मिसाल बन जाए। अल्लाह तुम्हें ताकत दे। नींद होगी, थकान होगी, लेकिन इस्लाम के कमांडो सब कुछ पीछे छोड़ चुके हैं। अपने अब्बा को, अपनी अम्मा को। अपने घर को, अपने भाइयों। तुम्हें इस्लाम की जीत के लिए लड़ना है। ताकतवर बनो।
रिसीवर : आमीन।
नरीमन हाउस, 27 नवंबर, शाम 7:45 बजे
वस्सी : ख्याल रहे कि बंधक तभी उपयोगी हैं, जब तक उनके चक्कर में तुम्हारी सुरक्षा में खतरे में न पड़ जाए। अगर तुम अब भी खतरे में हो, तो बंधकों का बोझ ढोने की जरूरत नहीं। उन्हें फौरन मार डालो।
रिसीवर : हां, ऐसा ही करेंगे। आगे अल्लाह की मर्जी।
वस्सी : फौज दावा कर रही है कि उसने बंधकों को नुकसान पहुंचाए बिना काम कर लिया है। दूसरी बात, इजरायल ने डिप्लोमैटिक चैनल से बात की है कि उसके बंधकों को बचाया जाए। अगर बंधक मारे जाते हैं, तो इससे भारत और इजरायल के रिश्ते बिगड़ेंगे।
रिसीवर : खुदा करे, ऐसा ही हो।
वस्सी : सावधान रहना।
ओबरॉय होटल, 26 नवंबर, रात 3:53 बजे।
कॉलर : अब्दुल भाई। मीडिया तुम्हारे काम की तुलना 9/11 से कर रहा है। एक बड़ा पुलिस अफसर मारा गया है।
अब्दुल रहमान : हम 10वें-11वें माले पर हैं। हमारे पास पांच बंधक हैं।
कॉलर 2 (काफा) : मीडिया सब कुछ रेकॉर्ड कर रहा है। ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाओ। लड़ते रहो। जिंदा नहीं पकड़े जाना है।
कॉलर : सारे बंधकों को मार डाला। फोन ऑन रखो ताकि हम गोलियों की आवाज सुन सकें।
फहदुल्ला : हमारे पास तीन बंधक हैं-औरतें भी हैं। सिंगापुर और चीन से।
कॉलर : मार डालो।
फहदुल्ला और अब्दुल रहमान की आवाजें आती हैं-लोगों को लाइन में खड़ा होने के लिए बोल रहे हैं। गोलियों की आवाज...फोन पर खुशी की आवाजें...काफा, जरार को फोन देता है।
जरार : फहद, नीचे जाने का रास्ता खोजो।
होटल ताज, 27 नवंबर, समय 03:10 बजे।
कॉलर : तुम्हारे होटल में तीन मंत्री और एक कैबिनेट सचिव है। किस रूम में पता नहीं।
रिसीवर : ये तो अच्छी खबर है। सोने पे सुहागा।
कॉलर : इन तीन-चार लोगों को पकड़ो। और फिर जो चाहो, तुम्हें मिल जाएगा।
रिसीवर : दुआ कीजिए कि वे हमें मिल जाएं।
कॉलर : एक काम करो, बाहर खड़े पुलिसवालों और नेवी पर एक-दो ग्रेनेड फेंको।
रिसीवर : मुझे पता नहीं, कहां हैं वो।
होटल ताज, 26 नवंबर, रात 1:26 बजे।
कॉलर : तुम आग लगे रहे हो या नहीं?
रिसीवर : अभी नहीं। मैं एक कालीन जुटा चुका हूं, जलाने के लिए।
कॉलर : लाशों का क्या किया?
रिसीवर : ऐसे ही पड़ी हैं।
कॉलर : क्या तुम लोगों ने पानी खोल दिया था?
(शायद कुबेर की बात है)
रिसीवर : नहीं उन्होंने लॉक ओपेन नहीं किया। हम जल्दबाजी में उसे वैसे ही छोड़ आए। हमसे एक बड़ी गलती हो गई।
कॉलर : क्या गलती हुई?
रिसीवर : जब हम नाव पर जा रहे थे, लहरें काफी ऊंची थीं। तभी एक और नाव आ गई। सबने शोर मचा दिया कि नेवी आ गई है। सब जल्दी से कूद गए। इस गफलत में इस्माइल का सैटेलाइट फोन छूट गया।
होटल ताज, 26 नवंबर, रात 1:37 बजे।
कॉलर : मुझे उमर से बात करने दो।
रिसीवर : एक नंबर नोट कीजिए- 0043720880764
कॉलर : किसका नंबर है?
रिसीवर : मेरा है। मेरे पास फोन है।
कॉलर : एटीएस चीफ मारा गया है। तुम्हारा काम काफी अहम है। अल्लाह तुम्हारी मदद कर रहा है। वजीर नहीं बचना चाहिए। कोशिश करो आग लगाने की।
रिसीवर : हमने चार कमरों में आग लगा दी है।
कॉलर : लोग आग देखेंगे तो इधर-उधर भागेंगे। हर मिनट पर ग्रेनेड फेंकते रहो। इससे दहशत फैलेगी। बाबा से बात करो।
दूसरा कॉलर : कई पुलिसवालों ने और नौसेना के लोगों ने इलाके को घेर लिया है। बहादुरी से लगे रहो।
होटल ताज, 26 नवंबर, रात 1:08 बजे।
कॉलर : तुम्हारे पास कितने बंधक हैं?
रिसीवर : हमारे पास एक बेल्जियम से है। हमने उसे मार डाला। एक लड़का बंगलौर से था। उस पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।