गर्भवती पाए जाने पर 14 कन्याओं का विवाह रोका
वार्ता
शहडोल,
बुधवार,
जुलाई 1,
2009
मध्य प्रदेश के शहडोल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जांच के बाद गर्भवती पाए जाने के कारण 14 कन्याओं के विवाह रोक दिए गए।
इस योजना के तहत विवाह कार्यक्रम के पूर्व लड़कियों की चिकित्सकीय जांच में यह तथ्य उजागर हुआ। जिला अस्पताल में वरिष्ठ स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. रीना गौतम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जांच में उन्होंने 12 से अधिक लड़कियों को गर्भवती पाया।
आधिकारिक सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विवाह के लिए आईं लडकियों में से 15 को अयोग्य ठहराया गया। इनमें से 14 गर्भवती तथा एक नाबालिग पाई गई।
उधर, अपुष्ट सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व शहडोल जिले के ब्यौहारी में विवाह के आयोजन के दौरान कथित रूप से एक लड़की को प्रसव होने की घटना के चलते प्रशासन सतर्क था। यही वजह है कि यहां विवाह के लिए आई लड़कियों की चिकित्सकीय जांच कराई गई।
गौरतलब है कि राज्य में यह योजना खासकर गरीब तबके में खासी लोकप्रिय हुई है। विवाह के बाद प्रशासन की ओर से पांच हजार रुपये मूल्य से अधिक की सामग्री, कपड़े और उपहार आदि भी दिए जाते हैं। इसके चलते पूर्व में भी कुछ ऐसे मामले सामने आए थे जिनमें विवाहित स्त्रियों और पुरुषों ने उपहार के लालच में फिर से शादी के लिए पंजीयन कराया।
शहडोल में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के 138 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस आयोजन में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी और विधायक सुंदर सिंह भी मौजूद थे।