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 IST 8,  2009  00:57 नवंबर Last Updated :
भारत से
न्यायाधीश सभी चीजों पर फैसला नहीं कर सकते : जोशी
भाषा
नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जुलाई 2, 2009
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समलैंगिकता को कानूनी मान्यता देने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले पर अपना विरोध जताते हुए भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सभी चीजों पर फैसला नहीं कर सकते।

संसद के बाहर, संवाददाताओं के पास अपना निजी विचार रखते हुए जोशी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने
समलैंगिक संबंध को कानूनी मान्यता दी है। संसद न्यायपालिका से ऊपर है। देश, समाज इससे भी ऊपर है। सिर्फ एक या दो न्यायाधीश सब कुछ तय नहीं कर सकते।

राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने इस हालिया घटनाक्रम के समर्थन में कहा कि धारा 377 के मामले में यदि कुछ
संशोधन की जरूरत पड़ती है तो मुझे नहीं लगता कि यह राकांपा के लिए कोई मुद्दा है। इस केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समय बदल गया है और कई नियम और कानून पुराने पड़ गए हैं जो आधुनिक समय की जरुरतों को पूरा नहीं करते।

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तो क्या सभी चीज़ों को भीड़ पर छोड़ दिया जाए?
२@एट.नेटराकेश मिनोचा , edits2@eth.net, दिल्ली
 
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