अमेरिका का अफगान में तालिबान पर बड़ा हमला
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
वाशिंगटन/काबुल,
बृहस्पतिवार,
जुलाई 2,
2009
अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंड प्रांत में बृहस्पतिवार को अमेरिका ने तालिबान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इसे वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है। अमेरिका के करीब 4,000 नौसैनिक और 650 अफगान सैनिक इस अभियान में शामिल हैं। नाटो के लड़ाकू विमान भी आक्रमण में शामिल हैं।
अमेरिकी ब्रिगेडियर जनरल लैरी निकोलसन ने कहा कि जवानों की बड़ी संख्या के कारण यह अभियान अफगानिस्तान में पहले के अन्य अभियानों से अलग है। माना जा रहा है इस अभियान से 20 अगस्त को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के पहले देश की सुरक्षा स्थिति में सुधार होगा।
उधर, एक स्थानीय तालिबान कमांडर ने दावा किया है कि एक अमेरिकी सैनिक को उसने बंधक बना लिया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि दक्षिणी वजीरिस्तान के पाकतिका से मंगलवार को लापता हुए अमेरिकी सैनिक को तालिबान ने बंधक बना लिया है।
स्थानीय तालिबान कमांडर मुल्ला संगोन ने कहा कि न केवल अमेरिकी सैनिक बल्कि उसने तीन अफगान सैनिकों को भी बंधक बनाया है। इस बीच हेलमंड में बृहस्पतिवार को अमेरिकी सेना द्वारा तालिबान के खिलाफ शुरू की गई बड़ी कार्रवाई को अफगानिस्तान में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हेलमंड तालिबान का गढ़ है।
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि बृहस्पतिवार तड़के आरंभ हुए ऑपरेशन खंजर में 4000 अमेरिकी नौसैनिक और 650 अफगान सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। इस अभियान में हताहतों या नुकसान के बारे में अमेरिकी अथवा अफगान सेना ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं है। लेकिन तालिबान के प्रवक्ता कारी जुस्सिफ अहमदी ने कहा कि तालिबान ने एक दर्जन से अधिक विदेशी सैनिकों को क्षति पहुंचाई। हालांकि तालिबान के इस आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना समझा जा रहा है।
अहमदी ने इस बीच दावा किया है कि विदेशी सेना तालिबान के ठिकाने के बजाय नागरिक ठिकानों पर बमबारी कर रही है। हेलमंड प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि अभियान में चार हजार अमेरिकी सैनिकों के साथ 1000 अफगान सुरक्षा बल भी हिस्सा ले रहे हैं। बताया जाता है कि अमेरिका ने पिछले दो माह में हेलमंड में 8,500 नौसैनिकों को तैनात किया है।