• Sign Up
  • |
  • Sign-In Sign Out
  • |
  • Make us your home
  • |
  • RSS
1 42 Video %>
1 52 News %>
1 57 Photo %>
1 64 Interactives %>
1 69 Leisure %>
1 74 Filmhai %>
1 80 Auto Guide %>
1 141 Dharm and Sahitya %>
1 81 Astro %>
1 179 Jobs %>
SME
 IST 22,  2009  01:05 नवंबर Last Updated :
खेल
हार की कगार से लौटी सेरेना फाइनल में पहुंची
वार्ता
बृहस्पतिवार, जुलाई 2, 2009
टिप्पणियां:
पढ़ें (0)
दूसरी वरीयता प्राप्त सेरेना विलियम्स ने हार की कगार से जोरदार वापसी करते हुए रूस की एलेना देमेंतिएवा को बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-7, 7-5, 8-6 से हराकर विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बना ली।

महिला एकल के पहले सेमीफाइनल में अमेरिका की सेरेना अपने जज्बे भरे प्रदर्शन की वजह से चौथी वरीयता प्राप्त देमेंतिएवा की कड़ी चुनौती से पार पाने में सफल रहीं। एक समय तो वह दूसरे सेट में मैच प्वाइंट से पीछे चल रही थी लेकिन अपने जुझारुपन के लिए मशहूर सेरेना ने जोरदार वापसी करते हुए शनिवार को होने वाले फाइनल में जगह बना ली। इस ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में फाइनल खेलने का यह उनका पांचवां मौका होगा।
हालांकि मैच की शुरुआत में दोनों ही खिलाड़ी थोड़ी नर्वस नजर आ रही थीं। हालत तो यह हो गए कि सेरेना और देमेंतिएवा दोनों ने ही अपने-अपने पहले सर्विस गेम गंवा दिए। मगर उसके बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने बेसलाइन से ताकतवर सर्विस और कोर्ट पर अपनी कलाबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहला सेट 7-6 से जीतने से उत्साहित देमेंतिएवा ने दूसरे सेट में भी अच्छी शुरुआत की लेकिन सेरेना उनकी सर्विस तोड़ने में सफल रहीं। हालांकि इस सेट में 6-5 के स्कोर पर सर्विस कर रहीं सेरेना को देमेंतिएवा ने मुश्किल में डाल दिया था लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने झन्नाटेदार ऐसे शॉट लगाते हुए इसे 7-5 से जीतकर मैच में बराबरी हासिल कर ली।

तीसरे सेट की शुरुआत में ही देमेंतिएवा सेरेना की सर्विस तोड़ते हुए 3-1 की बढ़त लेने में सफल रहीं। उनके पास यह सेट जीतकर सेरेना का फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ने का बड़ा सुनहरा मौका था लेकिन वह मैच प्वाइंट गंवा बैठीं। सेरेना ने इसका पूरा लाभ उठाते हुए न सिर्फ देमेंतिएवा की सर्विस तोड़कर 7-6 की बढ़त बनाई बल्कि अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए यह सेट और मैच जीतने में भी सफल रहीं।
टिप्पणियां:
पढ़ें (0)
खोजें
 
फोकस
ओबामा के काम का समर्थन करने वालों की संख्या दर में पहली बार 50 प्रतिशत से नीचे तक गिरावट आ गई है।