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 IST 22,  2009  14:40 नवंबर Last Updated :
उम्मीदें
रेल बजट : बिहार के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
पटना, शुक्रवार, जुलाई 3, 2009
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रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2009-10 के रेल बजट पर बिहार के लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।

यात्री किराया न बढ़ाए जाने और बिहार के लिए नई चलाई जाने वाली रेलगाड़ियों की घोषणा पर लोगों ने जहां खुशी का इजहार किया, वहीं बिहार के लिए पूर्व में घोषित रेल परियोजनाओं का इसमें कोई जिक्र न किए जाने पर लोगों ने रोष भी जताया।

पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एमपी गुप्ता का कहना है कि पटना-नई दिल्ली के बीच बिना रुके गंतव्य तक पहुंचने वाली रेलगाड़ी के चलने से यहां के यात्रियों को लाभ मिलेगा। जमालपुर-गया तथा झाझा-पटना सहित कई रेलवे स्टेशनों के बीच पैसेंजर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है जो स्थानीय तथा गरीब लोगों के लिए सुविधाजनक होगा।

पटना के जगदेव पथ इलाके की गृहिणी शोभा देवी का कहना है कि यात्री किराए में कोई कमी नहीं की गई है। यह लोगों के लिए दुखदायी है। उन्होंने कहा कि यात्री किराया कम किया जाना चाहिए क्योंकि रेलवे मुनाफे में है। पूर्व रेल मंत्री लालू यादव ने भी अपने रेल बजटों में रेलवे को हुए मुनाफे का जिक्र किया था लेकिन उन्होंने भी यात्री किराए में कमी नहीं की थी।

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनाली का कहना है कि पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस चलने से यात्रियों को सुविधा तो मिलेगी, परंतु प्रतिदिन एक करोड़ 60 लाख यात्रियों को ढोने वाले रेलवे ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की है।

एमसीए कर रहे छात्र रविकांत का कहना है कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा बिहार के लिए शुरू की गई कई योजनाओं का रेल बजट में कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जो बिहार के साथ सौतेला व्यवहार है।
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