रक्षा बजट में 34 फीसदी की बढ़ोतरी
भाषा
नई दिल्ली,
सोमवार,
जुलाई 6,
2009
सरकार ने 2009-10 के लिए रक्षा बजट आवंटन में 34 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर इसे 1,41,703 करोड़ रुपये कर दिया है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने लोकसभा में 2009-10 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार रक्षा उपकरणों की खरीद में तेजी लाना चाहती है।
मुखर्जी ने 2009-10 के लिए रक्षा बजट के लिए आवंटन 1,41,703 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है, जो 2008-09 के 1,05,600 करोड़ रुपये की तुलना में 36,103 करोड़ रुपये ज्यादा है। सरकार ने कहा है कि वह रक्षा उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया में तेजी लाएगी और गत वर्ष 26 नवंबर को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों से उजागर हुई सुरक्षा खामियों को दूर करना चाहती है।
रक्षा बजट में 34 प्रतिशत की वृद्धि को अच्छी-खासी बढ़ोतरी माना जा रहा है। 2007-08 में रक्षा बजट 96,000 करोड़ रुपये था, जिसमें दस फीसदी की वृद्धि कर इसे 2008-09 में 1,05,600 करोड़ रुपये किया गया। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले 16 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में भी रक्षा क्षेत्र के लिए इतने ही आवंटन का प्रस्ताव किया था।
रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी के बावजूद भारत का रक्षा खर्च अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। भारत का रक्षा खर्च जीडीपी का दो प्रतिशत है, जबकि चीन का रक्षा खर्च जीडीपी का सात प्रतिशत और पाकिस्तान का पांच प्रतिशत है।