दो भारतीय वैज्ञानिकों को मैकआर्थर फेलोशिप
वार्ता
शिकागो,
बुधवार,
सितंबर 23,
2009
अमेरिका में वर्ष 2009 के लिए प्रतिष्ठित मैकआर्थर फेलोशिप के लिए चुने गए 24 वैज्ञानिकों में दो भारतीयों को भी शामिल किया गया है।
द जान डी और कैथरीन टी मैकआर्थर फाउंडेशन की तरफ से दी जाने वाली इस फेलोशिप के तहत भारतीय वैज्ञानिक एल महादेवन (44) और मनीष अग्रवाल (37) को अगले पांच वर्षों के दौरान पांच लाख अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे।
महादेवन हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अप्लायड मैथेमेटिक्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग तथा अप्लायड सांइसेज के प्रोफेसर हैं जबकि अग्रवाल बर्कले में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में कम्प्यूटर वैज्ञानिक हैं।
अग्रवाल को यह फेलोशिप लोगों को कठिन सूचनाओं को समझने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने तथा आसानी से समझ में आने वाले दृश्य पटल को डिजायन करने के विषय पर शोध के लिए मिला है।
दूसरे वैज्ञानिक महादेवन अपने शोध में कुछ आसान लेकिन समझ में न आने वाले प्रश्नों का जवाब ढूंढ़ेंगे। इन प्रश्नों में कपड़ा निचुड़ने के बाद क्यों मुड़ जाता है या त्वचा में झुर्रियां क्यों आती है, जैसे सवाल शामिल हैं।
मैकआर्थर फाउंडेशन ने अपने वक्तव्य में कहा है कि इस फेलोशिप के लिए नए वैज्ञानिकों को उनकी रचनात्मकता, मौलिकता तथा क्षमता के आधार पर भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान करने की उनकी संभावनाओं को ध्यान में रखा गया है।