यूएई में भारतीय कामगारों में आत्महत्या की दर तेजी से बढ़ी
वार्ता
दुबई,
बुधवार,
अक्टूबर 7,
2009
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक अन्य भारतीय मजदूर की आत्महत्या के साथ ही यहां पर भारतीयों में आत्महत्या की दर में खतरनाक ढंग से तेजी आ गई है। स्थानीय समाचार पत्र खलीज टाइम्स के मुताबिक यूएई के रास अली खैमाह इलाके में एक भारतीय मजदूर ने मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक सप्ताह के अंदर किसी भारतीय के आत्महत्या का यह तीसरा मामला है। अपराध जांच विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आत्महत्या करने वाले ज्यादातर युवा गरीब मजदूर हैं जिनकी उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है। इससे पहले चार अक्टूबर को भी दुबई में एक भारतीय मजदूर ने फांसी लगा ली थी। इस आत्महत्या के बाद मृतक के भाई ने बताया कि उसके भाई ने घरेलू कारणों से आत्महत्या की। मृतक सेल्समैन चार दिन पहले ही छुट्टियां मनाकर यूएई लौटा था। उन्होंने बताया कि ज्यादातर आत्महत्याओं के पीछे वित्तीय कठिनाइयां, मानसिक तनाव, शारीरिक पीड़ा और भावनात्मक दबाव जैसे कारण होते हैं। ऐसा माना जाता है कि खाड़ी के देशों में भारतीयों द्वारा आत्महत्या का बड़ा कारण नौकरी चले जाना और घर से पैसे की मांग बढ़ना भी है।