सिख महिला को मिला 'प्राइड ऑफ ब्रिटेन' सम्मान
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
लंदन,
बुधवार,
अक्टूबर 7,
2009
'जबरन विवाह' पर अपने अभियान के जरिए ब्रिटिश सरकार का रुख बदलने वाली भारतीय मूल की एक सिख महिला को 'प्राइड ऑफ ब्रिटेन' सम्मान से नवाजा गया है।
जसविंदर संघेरा नामक यह महिला एक धर्मादा संस्था चलाती है जिसके जरिए वह जबरन विवाह से पीड़ित महिलाओं को आजाद कराने का काम करती है। मंगलवार की रात गाला समारोह में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।
वर्ष 1950 में पंजाब से ब्रिटेन आई संघेरा का उनके परिजन जबरन विवाह करना चाहते थे लेकिन वह इससे किसी तरह बच निकली थी। उनकी बड़ी बहन का भी जबरन विवाह कर दिया गया था जिसके चलते उसने 1983 में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 1993 में उन्होंने डर्बी शहर में 'कर्म निर्वाण' नाम की एक धर्मादा संस्था आरंभ की और इसके जरिए जबरन विवाह की शिकार हुई महिलाओं को मुक्त कराने का काम उन्होंने आरंभ किया।
संघेरा ने ब्रिटिश राजनीतिज्ञों को जबरन विवाह के खिलाफ एकजुट करने का काम किया। उनके इसी प्रयास के चलते ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने जबरन विवाह इकाई का गठन किया। आज इस इकाई में प्रति वर्ष जबरन विवाह से पीड़ितों की लगभग 5000 शिकायतें पहुंचती हैं।