'दस हजारी स्कूटर, मोटर साइकिल अभी नहीं'
भाषा
नई दिल्ली,
शनिवार,
अक्टूबर 31,
2009
10 हजार रुपये में स्कूटर या मोटर साइकिल उपलब्ध कराने में असमर्थता जताते हुए दुपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो ने कहा है कि उसका जोर उत्पादों को केवल सस्ता करने पर नहीं बल्कि गुणवत्ता और तकनीक पर अधिक रहता है।
बजाज ऑटो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या वह भी टाटा की लखटकिया परियोजना की तरह लोगों को 10 हजार रुपये में दुपहिया वाहन उपलब्ध कराएंगे।
बजाज ने कहा कि उनकी कंपनी ऐसे उत्पाद बनाती हैं जो अंतरराष्ट्रीय उत्सर्जन मानकों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मोटर साइकिलें दुनियाभर में सबसे कम 30 ग्राम प्रति किलोमीटर कार्बन का उत्सर्जन करती है और सबसे अधिक माइलेज देती हैं। उन्होंने कहा कि इन चीजों को देखते हुए कीमत से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब बजाज ने मोटर साइकिल बनानी शुरू की तो उसका लक्ष्य मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंपनी हीरो होंडा की नकल कर सस्ता उत्पाद बनाना नहीं था। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि सफल होने के लिए आपको एकदम उलट रास्ता अपनाना होगा। आप मजबूत और तकनीकी दृष्टि से ठोस उत्पाद बनाएं, भले ही वे महंगे क्यों न हों। उन्होंने कहा कि बजाज की सफलता का मंत्र यही है।
बजाज ने कहा कि सफलता के लिए आपको महारत हासिल करनी होती है और यह हासिल कर लेने के बाद आप मंदी हो या कोई और प्रतिकूल स्थिति उसका सामना आसानी से कर सकते हैं।