'माओवादियों को सशस्त्र क्रांति की इजाजत नहीं'
भाषा
मदुरै,
रविवार,
नवंबर 1,
2009
माओवादियों को शांति संदेश देने के दो दिन बाद केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक भारत में सशस्त्र क्रांति को सफल नहीं होने देंगे। चिदंबरम ने एक जनसभा में कहा, ‘‘अपनी जिंदगी में खून के आखिरी कतरे तक मैं भारत में सशस्त्र क्रांति या आतंकवाद और हिंसा को हावी होने की इजाजत नहीं दूंगा।’’ उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने बीते 10 से 13 वर्ष के समय से नक्सलियों का कम आकलन किया।
चिदंबरम ने कहा, ‘‘अब वे (नक्सली) अपने हाथ में हथियारों के साथ देश में समस्या उत्पन्न करने की कोशिश रहे हैं। वे इसमें सफल नहीं हो पाएंगे।’’ इसी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि अगर वे हिंसा छोड़ दें तो केंद्र उनसे बातचीत को तैयार है।
उन्होंने कहा कि नक्सली हमारे अपने देश के लोग हैं और पाकिस्तानी आतंकवादियों की तरह दुश्मन नहीं हैं। श्रीलंका में विस्थापित तमिलों के बारे में चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाड़ु के सांसदों का एक शिष्टमंडल इस महीने की शुरुआत में उस देश की यात्रा पर गया था। उन्होंने शिविरों से करीब 81,000 लोगों की घर वापसी कराने में मदद की है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका सरकार ने आश्वासन दिया है कि शेष तमिल नागरिकों को शिविरों से यथाशीघ्र उनके घर वापस भेज दिया जाएगा।