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 IST 22,  2009  01:05 नवंबर Last Updated :
भारत से
शर्तें न मानीं तो बाहर से समर्थन : एनसीपी
एनडीटीवी इंडिया
मुंबई / नई दिल्ली, मंगलवार, नवंबर 3, 2009
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महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस की लड़ाई निर्णयाक दौर में पहुंच गई है। एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा है कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गई, तो उनकी पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन देगी।

हालांकि उन्होंने राज्यपाल से मिलकर यह भी कहा कि वह कांग्रेस की सरकार बनाना चाहते हैं, लेकिन अभी कुछ मतभेद, कुछ गुत्थियां सुलझाना बाकी है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी में मंत्रालय को लेकर अब तक एक राय नहीं बन पाई है।

राज्यपाल एससी जमीर के बुलावे पर मंगलवार को कायर्कारी मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और एनसीपी विधायक दल के नेता छगन भुजबल उनसे मिलने पहुंचे। दोनों से अलग−अलग मुलाकात कर राज्यपाल ने सरकार के गठन पर बातचीत की।

एनसीपी नेता छगन भुजबल का कहना है कि सरकार के गठन में देरी कांग्रेस की तरफ से हो रही है। इधर, दिल्ली में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस नेता अहमद पटेल एक-दूसरे से मिलेंगे। इस मुलाकात में सरकार के गठन पर चर्चा होगी।

विधानसभा की तस्वीर तो 25 अक्टूबर को तय हो गई थी। अब सिर्फ नए सदस्यों को शपथ लेनी है। मंगलवार को पिछली यानी 11वीं विधानसभा का आखिरी दिन है। कैबिनेट फैसला करेगी कि 12वीं विधानसभा के सदस्य कब शपथ लेंगे।

हालांकि शपथग्रहण में कुछ दिनों की देरी से कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण अगले कुछ दिनों तक कार्यकारी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। एनडीटीवी इंडिया को सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है, उसके मुताबिक कांग्रेस अपने पास 23 मंत्री पद रखना चाहती है और एनसीपी को 20 पद देना चाहती है, लेकिन एनसीपी चाहती है कि उसे 22 मंत्री पद दिए जाएं।

इसके अलावा एनसीपी गृहमंत्रालय लेने पर अड़ी हुई है और कांग्रेस गृहमंत्रालय छोड़ने को राजी नहीं है। यही नहीं, कांग्रेस अब ग्रामीण विकास मंत्रालय और आदिवासी कल्याण मंत्रालय भी अपने पास रखना चाहती है। ये दोनों मंत्रालय अब तक एनसीपी के पास थे।
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All the leaders are selfish.
narsinh, narsinhgaur@yahoo.com, mumbai
 
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