अभी जारी रहेंगे प्रोत्साहन उपाय : प्रणब
भाषा
नई दिल्ली,
बुधवार,
नवंबर 4,
2009
सरकार ने कहा कि मुद्रास्फीति को लेकर तत्काल बड़ी चिन्ता की जरूरत नहीं है और जब तक अर्थव्यवस्था मंदी के प्रभावों से पूरी तरह उबर नहीं जाती, राजकोषीय प्रोत्साहन उपाय जारी रहेंगे।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘‘इस समय मैं यही कहूंगा कि राजकोषीय प्रोत्साहन जारी रहेगा ताकि अर्थव्यवस्था को इसका पूरा फायदा मिल सके।’’ मुखर्जी ने प्रोत्साहन पैकेज जारी रखने की यह टिप्पणी ऐसे समय की है, जब कुछ दिन पहले 27 अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के बावजूद ऋण को मंहगा करने के कुछ उपाय किए और रिजर्व बैंक के गवर्नर ने उसे प्रोत्साहन पैकेज से हटने का पहला कदम बताया था।
वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय संतुलन की ओर लौटना बहुत जरूरी है और अर्थव्यवस्था में जैसे ही सुधार हुआ, उस दिशा में कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार गैर योजना व्यय में कटौती के कदमों पर नजदीकी निगाह रखे हुए है विशेष तौर पर उसकी नजर पेट्रोलियम और उर्वरक सब्सिडी पर है। चालू वित्त वर्ष में अकेले उर्वरक सब्सिडी 55 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
मुखर्जी ने कहा कि विनिवेश के जरिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने से सरकार को राजकोषीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा 2008-09 के दौरान चढ़ना शुरू हुआ और 2009-10 में भी वह कई प्रोत्साहन पैकेजों के साये में है।