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दुनिया से
अमेरिका कर रहा उपग्रहों के संभावित टक्कर का विश्लेषण
रायटर
वाशिंगटन, बुधवार, नवंबर 4, 2009
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अमेरिकी सेना उपग्रहों के बीच संभावित टक्कर का विश्लेषण करने के लिए पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहे विभिन्न देशों के करीब 800 उपग्रहों की चाल पर प्रतिदिन आधार पर नजर रख रही है।

गत 10 फरवरी को रूसी सेना के एक बेकार दूरसंचार उपग्रह और अमेरिकी वाणिज्यिक कंपनी इरीडियम के बीच हुई टक्कर के बाद अमेरिकी वायुसेना उपग्रहों के बीच संभावित टक्कर की भविष्यवाणी करने की अपनी क्षमता में लगातार बढ़ोतरी कर रही है।

अमेरिका के सामरिक कमान के कमांडर जनरल केविन चिल्टन ने ओमाहा स्थित अंतरक्षित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान उपग्रहों के बीच टक्कर को उपग्रह उद्योग में प्रारंभिक घटना करार देते हुए कहा कि इस घटना ने पहले की उस अवधारणा को बदल दिया है, जिसमें कहा जाता था कि अंतरिक्ष इतना विशाल है कि उसमें चक्कर लगा रहे उपग्रहों के टकराने की संभावना बहुत कम है।

उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी विश्लेषण कर अंतरिक्ष में उपग्रहों के बीच टक्कर की संभावना का पता लगाना चाहते थे, लेकिन इसमें संसाधनों की कमी आड़े आ रही थी। रूसी और अमेरिकी उपग्रहों के बीच टक्कर के पहले तक वे एक दिन में 100 से कम उपग्रहों की चाल पर नजर रख रहे थे।

जनरल चिल्टन ने कहा, यह बहुत आश्चर्यजनक है कि उपग्रहों के बीच एक टक्कर ने इस कार्य के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले संसाधनों में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी। उन्होंने कहा कि उस एक टक्कर ने उन अमेरिकी उपग्रहों को ऐसे टक्करों से होने वाले नुकसान के प्रति आगाह कर दिया है, जिनका प्रयोग सैन्य और असैन्य कार्यों के लिए किया जाता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी वायुसेना वर्तमान समय में अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहे 20 हजार उपग्रहों, इस्तेमाल रॉकेट के टुकटों और अन्य सामग्रियों की चाल पर नजर रख रही है। कुछ वर्षों पहले तक इनकी संख्या करीब 14 हजार के करीब थी।

अमेरिका के ज्वाइंट फंक्शनल कंपोनेंट कमांड फॉर स्पेस के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लैरी जेम्स ने कहा कि हमारा लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक करीब 13 सौ सक्रिय उपग्रहों का मोटे तौर पर संयुक्त निर्धारण कर यह सूचना प्रयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराना है।
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