आकाशगंगा के परे अज्ञात लोक का पता लगा
भाषा
टोरंटो,
बृहस्पतिवार,
नवंबर 5,
2009
कनाडा की एक वैज्ञानिक ने आकाशगंगा के परे नए तारों और सौरमंडल का पता लगाने का दावा किया है जिससे यह साबित हो सकता है कि अज्ञात लोक केवल विज्ञान कथाओं का ही सत्य नहीं हैं बल्कि वास्तविक जिंदगी में भी होते हैं।
टोरंटो विश्वविद्यालय की एरिन मैनटक ने पहली बार हमारे सौर मंडल के परे अज्ञात लोक की खोज की है। उन्होंने जैमिनी डीप सर्वे में लाइट आउटपुट डाटा का इस्तेमाल करते हुए दूरदराज की 88 आकाशगंगाओं का विश्लेषण किया।
ब्यौरे के विश्लेषण में मैनटक ने पाया कि आकाशगंगा से प्रकाश का उत्सर्जन उस समय हुआ जब आज के मुकाबले ब्रह्माण्ड की आयु साढ़े तीन गुना कम थी। यह घटना सात से 10 अरब वर्ष पुरानी है। एस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित होने वाले इस अध्ययन में कहा गया कि आकाशगंगा इतनी दूर हैं कि तारों को अलग से नहीं देखा जा सकता।
बहरहाल, वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि तेज रोशनी के बीच एक बुझी हुई रोशनी भी आती है। यह रहस्यमय प्रकाश तारों के प्रकाश की तुलना में काफी ठंडा और धूल की तुलना में कहीं अधिक गर्म है। डेली मेल की खबर के अनुसार इस खोज से यह पता चल सकता है कि अरबों वर्ष के दौरान ग्रहों के निर्माण की रफ्तार किस तरह से बदलती रही।