कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को तैयार नहीं : पीएम
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली,
शुक्रवार,
नवंबर 6,
2009
कोपनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले शिखर सम्मेलन के ठीक एक महीना पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को यूरोपीय संघ (ईयू) को स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए अभी तैयार नहीं है, लेकिन वह इसकी संभावना तलाशने की कोशिश करेगा।
संवाददाताओं ने जब प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या भारत कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों का निर्धारण करेगा, इस पर मनमोहन सिंह ने कहा, "हम उस स्तर पर अभी नहीं पहुंच पाए हैं। हम उसकी संभावना तलाशेंगे।" मनमोहन सिंह ने यहां 10वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर कहा, "हम सभी को एक साथ मिल कर काम करने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए हमारे पास एक बहुत ही महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना है।"
मनमोहन सिंह और ईयू के नेताओं के बीच हुई बातचीत में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की गई। इस बातचीत में ईयू नेताओं में स्वीडिश प्रधानमंत्री फ्रेडरिक रीनफील्ड और यूरोपीय अयोग के अध्यक्ष जोस मैनुएल बारोसो शामिल थे। रीनफील्ड ने कोपनहेगन में प्रस्तावित जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में किसी सहमति पर पहुंचने के लिए भारत से सहयोग मांगा। रीनफील्ड ने कहा, "हमने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के शमन की कीमतें निर्धारित कर ली हैं। वर्ष 2020 तक हमें इसके लिए 100 अरब यूरो की आवश्यकता है। हमें पता चला है कि भारत में महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं, लेकिन हम इस मामले में हर किसी से कार्रवाई चाहते हैं।"