दलाई लामा के स्वागत के लिए तवांग तैयार
भाषा
तवांग (अरुणाचल प्रदेश),
शनिवार,
नवंबर 7,
2009
बर्फीली चोटियों के बीच 10 हजार फुट की ऊंचाई पर प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज तवांग दलाई लामा के स्वागत के लिए तैयार है जिनकी छठी अरुणाचल यात्रा रविवार से शुरू हो रही है।
उस स्थान को तिब्बती आध्यात्मिक नेता की तस्वीरों वाले रंग बिरंगे पोस्टरों और झंडों से सजाया गया है जहां दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भागने के बाद उतरे थे।
चीन और म्यामां के बीच स्थित सामरिक महत्व वाले इस क्षेत्र में चप्पे चप्पे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। तवांग जिला प्रशासन दलाई लामा की इस यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर तरह के प्रयास कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताने वाला चीन तिब्बती आध्यात्मिक नेता की तवांग यात्रा का विरोध कर रहा है।
हिमालय स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक लामा ताशी का कहना है कि दलाई लामा की इस यात्रा से चीन को इस बारे में कड़ा संदेश जाएगा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। ताशी को तिब्बती मंत्रों पर आधारित उनके गीतों के लिए ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। उनका कहना है ‘‘लोग दलाई लामा को भगवान की तरह मानते हैं इसलिए किसी भी कोने से उनकी अरुणाचल यात्रा का विरोध नहीं होना चाहिए।’’