'निकट भविष्य में विकसित देश बन सकता है भारत'
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
शिलांग,
शनिवार,
नवंबर 7,
2009
प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार आर चिदंबरम का कहना है कि भारत तेज आर्थिक विकास के दौर में है और यदि सभी मिलकर काम करें तो निकट भविष्य में भारत यकीनन एक विकसित देश बन सकता है।
शिलांग की 'नॉर्थ ईस्ट हिल यूनिवर्सिटी'(एनईएचयू) के 18वें दीक्षांत समारोह को शुक्रवार शाम संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, "यदि भारत आर्थिक रूप से विकसित देश बनना चाहता है तो उसे बिना लिंग भेद के 100 फीसदी साक्षर बनना होगा और अपना विद्युत उत्पादन बढ़ाना होगा।"
चिदंबरम के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक को परिभाषित करने वाले तीन प्रति व्यक्ति मानकों- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (जीएनपी), प्रत्याशित आयु और वयस्क साक्षरता की अपेक्षा ऊर्जा की खपत और महिला साक्षरता में सुधार अधिक बेहतर उपाय हैं। उन्होंने कहा कि महिला साक्षरता और शिशु मृत्युदर व जन्म दर एक-दूसरे से मजबूत रूप से जुड़े हुए हैं।
एनईएचयू ने दीक्षांत समारोह में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर और इंफोसिस के अध्यक्ष एनआर नारायण मूर्ति को 'डॉक्टर ऑफ साइंस' (डीएससी) की उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) जेएम लिंगदोह और सरोद वादक अमजद अली खान को डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रमोद टंडन ने कहा कि छात्रों के लिए विश्वविद्यालय में 27 प्रतिशट सीटें बढ़ा दी गई हैं। कुलपति एमजीके मेनन और मेघालय के राज्यपाल आरएस मूशाहरी ने पूरे क्षेत्र में शिक्षा के विकास में विश्वविद्यालय के योगदान पर प्रकाश डाला।