घुड़की देने के बाद चीन ने दी सफाई
भाषा
जिनेवा,
रविवार,
नवंबर 22,
2009
घुड़की देने के बाद चीन ने भारत से कहा है कि उसका आशय भारत-पाकिस्तान संबंधों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का नहीं है और वह दोनों देशों के बीच सीधी वार्ता का पक्षधर है।
भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि बीजिंग ने नई दिल्ली से कहा है कि भारत-पाक मामलों में तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं होने के उसके रुख का वह सम्मान करता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वाशिंगटन जा रहे सूत्र के अनुसार चीन ने कहा है कि उसके इस रुख में बदलाव नहीं आया है कि भारत-पाक वार्ता की प्रकृति द्विपक्षीय है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ के बीच बैठक के बाद बीजिंग में पिछले हफ्ते चीन-अमेरिका संयुक्त बयान पर भारत ने आपत्ति जताई थी। बयान में भारत-पाक संबंधों का जिक्र था।
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी के भी ‘अभिभावक’ बनने को स्वीकार नहीं करेगा चाहे वह चीन हो, अमेरिका या कोई और देश।