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SME
 IST 22,  2009  13:49 नवंबर Last Updated :
टिप्पणियां
भारत में जजों की नियुक्ति में पारदर्शिता का न होना कई कानूनी फैसलों को शक के दायरे में ला खड़ा करता है।
राधाकृष्ण,rk_chengal63@yahoo.co.in, औरंगाबाद
सुप्रीम कोर्ट ने बहुत सही किया है। यह नेता हर जगह दखल देते हैं।
सुधान्शु नागर,sudhanshu_n@rediffmail.com, वाराणसी
अगर यही बात प्रधानमंत्री कहते तो वह राजनीति मसाला बन जाता कि सरकार नियमों का उल्लंघन कर अपने मनचाहे व्यक्ति को जज बनाना चाहती है।
देवेश कुमार सिन्हा,sinhadk57@yahoo.com, पतना, बिहार
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