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SME
 IST 22,  2009  13:49 नवंबर Last Updated :
टिप्पणियां
जुर्म करने वाला इतना बुरा नहीं होता जितना कि जुर्म देखने और सहने वाला। इस जुर्म की जितनी सजा हो कम है|
krishna,kkchauhan123@yahoo.com, delhi
YEH EK GHINAUNA APRADH HAI.ISHI SAJA UNKO MILANI CHAYIE.
OM PRAKASH CHOUBEY,ompc_0097@yahoo.co.in, NEW DELHI
आजादी के इतने सालों बाद भी अपने देश भारत में इस तरह की शर्मनाक घटना घटित होना हमारे समाज के ऊपर एक कलंक है।
शरद पाण्डेय ,sharadkpandey@gmail.com, लन्दन
यही हरकत इनके घर वालों के साथ करे, तो पता चलेगा इंसाफ। सही है या गलत। हम सब एक हैं, तो उस जगह की जनता सो रही थी।
anil,anil.sarkaniya@gmail.com, mumbai
जिन लोगों ने यह घिनौना पाप किया है। उन्हें भी बाज़ार में नंगा कर के घुमाना चाहिए, तभी इस तरह की वारदात पर रोक लग पाएगी।
saifuddinsaify,lokjung@rediffmail.com, bhopal
यह हरकत भारतीय समाज पर दाग है। जहां माँ को देवी का रूप माना जाता है वहां ऐसी हरकतें एक दाग हैं।
siddharth pandey,siddharth.rae@gmail.com, kanpur
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