मुझे लगता है कि खजूरी खास के स्कूल में जो घटना घटी है, उससे भी अभी दिल्ली सरकार की नींद नहीं खुली है। मैंने अपनी आंखों से एक ऐसा ही स्कूल जो कि कानपुर हकीकत राय गर्ल्स स्कूल के बारे में है। वहां लड़कियों को बैठने के लिए टेबल और बेंच नहीं हैं। सारे बच्चे जमीन पर बैठते हैं। साथ में वहां कोई स्कूल प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है।
Neeraj Kumar
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Delhi