• Sign Up
  • |
  • Sign-In Sign Out
  • |
  • Make us your home
  • |
  • RSS
1 42 Video %>
1 52 News %>
1 57 Photo %>
1 64 Interactives %>
1 69 Leisure %>
1 74 Filmhai %>
1 80 Auto Guide %>
1 141 Dharm and Sahitya %>
1 81 Astro %>
1 179 Jobs %>
SME
 IST 21,  2009  00:39 नवंबर Last Updated :
टीवी के समाचार चैनलों के ज्यादातर जोशीले और जोर से बोलने वाले एंकरों की दुनिया में दिबांग एक अलग उपस्थिति का नाम है। खबरों में दिबांग की पकड़, विश्लेषण का उनका तरीका, एक नपी-तुली हिचक और इसके बावजूद एक गहरा आत्मविश्वास दिबांग को हिन्दी में अपनी तरह का विशिष्ट एंकर बनाते हैं। 'मुकाबला' में दिबांग की इस खूबी के कई रंग दिखते हैं। उनमें दूसरे एंकरों की तरह बीच बहस में कूद पड़ने की हड़बड़ी नहीं है। गैरजरूरी सवालों में उलझाकर बहस को कहीं और ले जाने की आदत नहीं है। वह अपनी बहस को विषय के आसपास रखते हैं और उसमें नए पहलू खोजते चलते हैं... और इन सबके बीच बहस में ऐसी जरूरी उत्तेजना पैदा करते हैं, जिसमें दूसरे भागीदार भी शामिल हो जाते हैं। अक्सर इन बहसों में हिस्सा लेने वालों की ओढ़ी हुई मुद्राएं खत्म हो जाती हैं और उनका असली चेहरा सामने आ जाता है। 'मुकाबला' को यह विशिष्टता दिलाने में दिबांग की विशिष्ट शैली का बड़ा हाथ है।
 
दिबांग से पूछें
नाम
ई-मेल
शहर
सवाल
अधिकतम शब्द -
4000
अब आप अंग्रेजी में टाइप करें, और एनडीटीवीखबर उसे हिन्दी में टाइप कर देगा। उदाहरण के लिए, यदि आप लिखना चाहते हैं, मेरा नाम विवेक है, तो टाइप करें: meraa naam vivek hai
If you are not comfortable typing in Hindi, click here...
 
सवाल-जवाब
 
दिबान्ग साहेब मै आपका बडा आदर करता हू. मेरा सवाल हे कि भारत मे मीडिया का रोल देश मे जनमानस बनाना हे या वहम फेलाना? क्या देश मे मीडिया नेता लोगो की कठपुतली बनक्रर नही रह गया है?  
प्रश्नकर्ता:  हरेश पटॅल   ई-मेल:  desai_hv@rediffmail.com  
दिबांग का जवाब:   हरेश, अगर मीडिया नेताओ की कठपुतली होता तो आप उनका सच जान नही पाते. नेताओ का सन्कट ही यही है कि उनकी कोशिशो के बावजूद मीडिया उनके काबू मे नही आता. दूसरी बात, आज इतने सारे चैनल है कि कोई चाहे भी तो किसी नेता की कठपुतली नही बन सकता और न ही किसी एक पार्टी के साथ खडा हो सकता है.

मुझे मुकाबला का समय जानना है?  
प्रश्नकर्ता:  हिरेन हथि   ई-मेल:  saucricket@gmail.com  
दिबांग का जवाब:   मुकाबला का दिन और समय हैः शनिवार रात आठ से नौ बजे. इसको रविवार शाम भी देखा जा सकता है. समय हैः शाम चार से पान्च बजे.

मीडिया अर्धसत्य दिखाता है उसका आन्तरिक सच उसे पूर्ण सच कहने की इजाजत नही देता. आप क्या टिप्पणी देना चाहेगे?  
प्रश्नकर्ता:  ब्रजेश राजपूत   ई-मेल:  brajeshrajput@ymail.com  
दिबांग का जवाब:   ब्रजेश, मीडिया का काम तथ्य रखना है. सत्य या असत्य बताना नही. वैसे भी पूर्ण सत्य बताने या जानने का दावा किसी को नही करना चाहिये क्योकि हर किसी का अपना सत्य होता है.

Dibang ji mein niyamit roop se muqabla dekhta hun pichhle kuchh dino se netaaon ke video nahi aa rahe hain. Kya kuchh technical problem hai?  
प्रश्नकर्ता:  सन्तोश िन्घ   ई-मेल:  srsingh_1975@yahoo.com  
दिबांग का जवाब:   Santoshji, niyamit Muqabla dekhne ka dhanyawad. Show mein technical problem nahi hai aur apko netaon ke video dikhne chahiye. Kyaa ab bhee ye samasya barkarar hai? Apne cablewale se baat karke bataiyega.

Dibang, I am regular viewer of muqabla on NDTV. Why dont you raise the issue of fake currency? Is it not because of poor rules and regulation? Are some influential people involved in this racket? Counterfiet currency notes are coming from Bangladesh and Nepal, does it not indicate that we have a poor security system?  
प्रश्नकर्ता:  Dr. Pawan   ई-मेल:  pawan2006@gmail.com  
दिबांग का जवाब:   Dear Pawan, many thanks for your suggestion. Its a good idea. Whenever there is a news peg we will do this show. If you have any other topics for Muqabla please do send them.

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...
खोजें
 
फोकस
एक सीजे अपनी कुर्सी पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे ‘सत्यमेव जयते’ नहीं लिखा होने की वजह से अदालत कक्ष से बाहर चले गए।