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रिजर्व बैंक ने बैंकों को 'उच्च शुल्क' लेने को लेकर आगाह किया

 
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नई दिल्ली: िजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने विभिन्न उत्पादों के लिए ग्राहकों से उच्च शुल्क लेने को लेकर बैंकों को आज आगाह किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में होने वाले ओम्बड्समैन सम्मेलन में नए दिशा-निर्देश की घोषणा की जाएगी, जिसमें इससे जुड़ी कुछ बातें होगी।

चक्रवर्ती ने कहा कि अगर बैंक ग्राहकों को विभिन्न उत्पादों के लिए उच्च शुल्क लेते हैं, तब हम हस्तक्षेप करेंगे। ‘‘हमने सूक्ष्म-वित्त संस्थानों के मामले में हस्तक्षेप किया है। ग्राहकों के लिए पेश उत्पादों पर भेदभावपूर्ण कीमत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव की अध्यक्षता में 4 जनवरी को होने वाले ओम्बड्समैन सम्मेलन में नए दिशानिर्देश की घोषणा की जाएगी। ‘कुछ दिशानिर्देश इस बारे में होंगे कि रिजर्व बैंक ग्राहकों के उत्पादों के लिए उच्च शुल्क मामले में और कड़ा कदम कैसे उठा सकता है। उन्होंने कहा, बैंकों को ग्राहकों की जरूरतों को समझना होगा और उसे युक्तिसंगत रखना होगा।

चक्रवर्ती ने कहा कि बैंक शिक्षा ऋण पर आवास कर्ज के मुकाबले ज्यादा ब्याज लेता है। उन्होंने कहा, मैं केवल यह प्रश्न उठा रहा हूं कि इसे आखिर क्यों नहीं कम किया जा सकता है। इससे पहले, ‘इंडियन बैंकिंग रिफार्मस एंड आफ्टर’ शीषर्क से पुस्तक जारी करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि बैंकों को अपने कामकाज में कुशलता बनाए रखने की जरूरत है। इस पुस्तक को इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मचारी धर्मलिंगम वेणुगोपाल ने लिखा है।

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