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धोनी ही कप्तानी के लिए फिलहाल सर्वश्रेष्ठ विकल्प : द्रविड़

 
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नई दिल्ली: हेंद्र सिंह धोनी को भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी से हटाने की मांग भले ही तेज हो रही हो लेकिन पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि उनका कोई विकल्प फिलहाल मौजूद नहीं है और वह ही टीम इंडिया को आगे ले जाएंगे।

द्रविड़ ने कहा, ‘‘फिलहाल मुझे तो कोई विकल्प नहीं दिख रहा। मेरा मानना है कि धोनी ही वह इंसान है जो भारतीय टीम को आगे ले जाएंगे क्योंकि उनके पास ऊर्जा और जुनून है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसे ही जज्बातों का यह तूफान थमेगा और आराम से खिलाड़ी आत्ममंथन कर सकेंगे कि उनसे कहां गलती हुई और भविष्य की दिशा क्या होगी और भारतीय क्रिकेट को कैसे आगे ले जाया सकेगा तो सब ठीक हो जाएगा। यदि धोनी में वह जुनून और ऊर्जा है तो मुझे लगता है कि वही सही व्यक्ति है लेकिन फैसला उसे लेना है।’’

सुनील गावस्कर और कृष्णामाचारी श्रीकांत जैसे पूर्व कप्तानों ने धोनी को हटाने की मांग की है।

खराब फॉर्म से जूझ रहे सचिन तेंदुलकर के भविष्य के बारे में पूछने पर द्रविड़ ने कहा कि आत्ममंथन के बाद सचिन को ही यह फैसला लेना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सचिन ने खेल को बहुत कुछ दिया है। वह महान खिलाड़ी है और यह उसके लिए कठिन दौर है। वह इससे आहत भी होगा। उससे बात करने की जरूरत है ताकि पता चले कि वह क्या सोच रहा है और उसकी भविष्य को लेकर क्या योजना है।’’

द्रविड़ ने कहा, ‘‘इस बातचीत के बाद उसे खुद कई चीजों के बारे में सोचना होगा। यदि उसे लगता है कि वह आगामी विदेश दौरों पर भारतीय टीम के साथ जा सकता है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है तो उसके फैसले का समर्थन करने में समझदारी होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि उसे इसमें शक है तो उसे अपने करियर के बारे में और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बारे में सोचना होगा। फैसला उसे ही लेना है।’’ उन्होंने कहा कि तेंदुलकर जो भी फैसला ले, सभी को उसका सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह समय काफी जज्बाती है और उसे जज्बात को अलग करके सोचना होगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शृंखला में अभी समय है। वह जो भी फैसला ले, हमें उसका सम्मान करना होगा।’ इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लचर प्रदर्शन पर द्रविड़ ने कहा कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन इससे बेहतर प्रदर्शन हो सकता था।

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी धरती पर टेस्ट शृंखला हारना हमेशा खराब होता है। टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन प्रदर्शन इससे बेहतर हो सकता था। पहले टेस्ट के बाद लगा था कि भारत शृंखला जीत सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं।’’

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