आप यहां हैं : होम » ख़बरें क्रिकेट की »

तीसरा वनडे : कोहली और मिश्रा ने दिखाया दम, भारत शृंखला जीता

 
email
email
Third ODI: India beat Zimbabwe by 7 runs
हरारे: मित मिश्रा (47/4) की शानदार गेंदबाजी तथा कप्तान विराट कोहली (नाबाद 68) के संयमभरे अर्द्धशतक की बदौलत भारत ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर रविवार को हुए पांच एकदिवसीय शृंखला के तीसरे एकदिवसीय मैच में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराकर शृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनते हुए भारत ने पहले जिम्बाब्वे को 183 रनों पर सीमित कर दिया। इसके बाद अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 87 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 187 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। मिश्रा को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया।

184 के लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (14) और शिखर धवन (35) ने सहज शुरुआत की, लेकिन यह जोड़ी अभी टिकती सी लग ही रही थी कि छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित 27 रनों के कुल योग पर विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपक लिए गए।

इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कोहली ने धवन के साथ संयम से खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। पिछेल मैच में शानदार शतक लगाने वाले धवन को वुशी सिबांदा ने माइकल चिनौया के हाथों कैच आउट करवाया। धवन ने 32 गेंदों में पांच चौके लगाए।

कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।

इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।

कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।

इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।

जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।

इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।

राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।

टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।

इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।

प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।

विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।

विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।

इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।

शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...



Advertisement

 
विठ्ठल-रखुमाई मंदिर ने रखे सभी जातियों के पुजारी

महाराष्ट्र के मशहूर पंढरपुर के विठ्ठल−रखुमाई मंदिर ने नई मिसाल कायम की है। राज्य में ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने बड़े धार्मिक स्थल पर सभी जातियों के पुजारियों की नियुक्ति हुई है।

Advertisement