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ठाणे इमारत हादसा : पुलिस ने कहा, लोकसेवकों को रिश्वत देने के हैं सबूत

 
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Thane building collapse: Police says, public servants were birbed
ठाणे: हाराष्ट्र में ठाणे के मुंब्रा इलाके में सात मंजिला इमारत ढहने के मामले में गिरफ्तार सभी नौ लोगों को 14 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

वहीं, पुलिस ने कहा है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि इस गैरकानूनी सात मंजिला इमारत को बनाने वाले बिल्डरों ने एनसीपी के कॉरपोरेटर हीरा पाटिल और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर जे सईद को रिश्वत दी थी। पुलिस ने कहा कि इस अवैध इमारत को लेकर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद इन दोनों को इस पर ध्यान न देने की खातिर पैसे दिए गए।

पुलिस कमिश्नर केपी रघुवंशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने पाया कि नागरिक अधिकारियों को जमकर रिश्वत दी गई। डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक चव्हाण के घर पर एंटी करप्शन ब्यूरो के छापों के बाद हमने पांच लाख रुपये बरामद किए। स्थानीय कॉरपोरेटर हीरा पाटिल ने आरोपियों से पैसे लिए। रघुवंशी ने कहा, एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। बिल्डरों ने वहां लोगों को रहने के लिए भेजा, ताकि इस अवैध इमारत को गिराया नहीं जा सके।

गिरफ्तार लोगों में जमील कुरैशी और सलीम शेख नाम के दो बिल्डर हैं। इसके अलावा सस्पेंड किए गए डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर दीपक चव्हाण, एएमसी बालासाहब अंधाले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर जे सईद, एनसीपी के कॉरपोरेटर हीरा पाटिल और एएमसी के क्लर्क महेश मुर्के को गिरफ्तार किया गया है। जब्बार पटेल नाम के एक बिचौलिये को भी गिरफ्तार किया गया है। इस सबों पर गैर−इरादतन हत्या, लापरवाही और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने गिरफ्तार किए गए अपने कॉरपोरेटर हीरा पटेल को निलंबित कर दिया है।

शनिवार को हादसे के 42 घंटे बाद राहत का काम पूरा कर लिया गया। इस दौरान मलबे से कई शवों को निकाला गया और कई लोगों को जिंदा बचाया गया। कई घायलों को भी निकाला गया, जो अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस हादसे में मरने वालों की संख्या 74 तक पहुंच गई है। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन नियंत्रण (आरडीएमसी) के सूत्रों के अनुसार हादसे में मरने वाले 74 लोगों में 33 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे हैं।

घायल हुए 59 लोगों में से 36 को ठाणे, कलवा और मुंब्रा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को मुंबई के जेजे और सायण अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। शनिवार को प्रशासन ने साफ कर दिया था कि इलाके में 90 फीसदी इमारतें अवैध न निर्माण के दायरे में आती हैं, जिन पर अब कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और पुलिस ने शनिवार को आसपास के कई अवैध इमारतों को गिरा दिया।

(इनपुट भाषा से भी)

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