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चूरू : मुस्लिम महिलाओं ने अपने शौहर की लंबी उम्र के लिए पूरे रीतिरिवाज से रखा करवाचौथ का व्रत

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चूरू : मुस्लिम महिलाओं ने अपने शौहर की लंबी उम्र के लिए पूरे रीतिरिवाज से रखा करवाचौथ का व्रत

अंजुमन बानो और दीप बानो

खास बातें

  1. दस दिन पहले से ही अंजुमन ने अपनी जेठानी के साथ की करवाचौथ की तैयारियां
  2. साड़ियां और गहनों के साथ-साथ सोलह शृंगार सब सामान बाजार से खरीदा
  3. सुबह दोनों मोबाइल में सर्च कर करवाचौथ की व्रत कथा एकदूसरे को सुनाई
चुरू (राजस्थान): त्योहार किसी भी धर्म के क्यों ना हो लेकिन उनको मनाने के लिए मन में नेक भावना और श्रद्धा होनी चाहिए, फिर हिंदू-मुस्लिम सब एक ही रंग में नजर आते हैं. वैसे तो करवाचौथ हिंदुओं का पर्व है, लेकिन अब मुस्लिम महिलाएं भी इसे पूरी शिद्दत के साथ अपना रही हैं. चूरू जिला मुख्यालय के वार्ड संख्या 23 में रहने वाले रियाज परिवार की दोनों बहुएं अंजुमन और दीप बानो पूरी शिद्दत के साथ अपने शौहर हसन और जिशान की लम्बी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत कर रही हैं. दोनों ने बुधवार की सुबह की शुरुआत करवाचौथ की कथा सुनकर व्रत रखने से की है.

मोबाइल से डाउनलोड के करवाचौथ व्रत की कथा
मोबाइल से करवाचौथ की कथा डाउनलोड करके जेठानी ने अपनी देवरानी अंजुमन को विधि-विधान से सुनाई और चावल के दानों को पल्लू से बांधकर व्रत का प्रण लिया. चांद को अर्क देकर पूजा-पाठ कर ये दोनों अपना व्रत संपन्न करेंगी. इतना ही नहीं हसन रियाज खान ने भी अपनी पत्नी की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखा है. दोनों की सास रिहाना रियाज का कहना है कि यह बहुत खुशी की बात है कि इन दोनों ने मेरे बेटों की दीर्घायु के लिए व्रत रखा है. जो दुआएं मैं अपने बेटो की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए करती हूं उसमें दो हाथ और जुड़े हैं.किसी भी धर्म में कोई अच्छाई है तो उसे स्वीकार करने में मुझे कोई बुराई नजर नहीं आती.

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की
यूं तो हमारे देश ने हिंदू-मुस्लिम एकता की कई मिसालें पेश की हैं और अब चूरू की मुस्लिम महिलाएं भी उत्‍साह और शौक से करवाचौथ पर वह न केवल अपने शौहर की सलामती के लिए व्रत रखती हैं, बल्कि चांद देखने के साथ उनकी आरती भी उतारती हैं. दस दिन पहले से ही अंजुमन ने अपनी जेठानी के साथ करवाचौथ को लेकर तैयारियां शुरू कर दी, साड़ियां और गहनों के साथ साथ सोलह शृंगार का वो सब सामान बाजार से लाए जो आज जरूरी है. सुबह दोनों ने ही मोबाइल में सर्च कर करवाचौथ की व्रत कथा एकदूसरे को सुनाई. अब जब चांद निकलेगा तो आसपास की महिलाओं के साथ मिलकर पूजा करने के बाद पति के साथ खाना खाकर दोनों अपना व्रत संपन्‍न करती हैं.

पति तो पति होता है न कि हिन्दू या मुसलमान
अंजुमन की शादी अभी तीन महीने पहले ही हुई है और उसका यह पहला व्रत है. अंजुमन का कहना है कि अल्लाह और भगवान दोनों एक ही शक्ति है, इन्हे हम इंसानों ने बांट दिया है. ये व्रत पति के लिए है और पति तो पति होता है न कि हिन्दू या मुसलमान.

वीडियो कॉलिंग कर पति की उतारेगी आरती
अंजुमन ने इतराते हुए बताया कि उसकी जेठानी ने भी यह व्रत रखा है. पति की लंबी उम्र, सेहत और काम में तरक्की के लिए यह व्रत रखा जाता है. अंजुमन का पति अभी गंगानगर है तो उसने बताया कि शाम को जब चांद निकलेगा तो अर्क देकर वीडियो कॉलिंग से पति की आरती उतार लेंगे. दीप बानो का कहना है कि वह शादी के पहले साल से ही करवाचौथ व्रत रख रही है. उनका कहना है कि मुझे बस एक बात पता है कि चाहे नाम अलग-अलग हों, लेकिन ऊपर वाला एक ही है. मुझे सभी धर्मों के त्‍योहार मनाना पसंद हैं. उनका कहना है कि मैं धर्मों का आदर करती हूं और हर बार करवाचौथ पर पूजा में शामिल होती हूं.


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