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लगातार चार महीने तक वृद्धि के बाद देश का निर्यात मई में 1.1 प्रतिशत गिरकर 24.5 अरब डॉलर रहा। मई, 2012 में निर्यात का आंकड़ा 24.77 अरब डॉलर था।
नहीं घटेगी ईएमआई, आरबीआई ने दरें अपरिवर्तित रखी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा के दौरान प्रमुख नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया।
इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आयकर रिटर्न जमा कराने वाले लाखों करदाताओं को जल्द डाक से इसकी प्रति सीबीडीटी को भेजने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी।
दूरसंचार, रक्षा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने के पक्ष में वाणिज्य मंत्रालय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि वह दूरसंचार तथा रक्षा क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष जल्दी ही प्रस्ताव रखेंगे।
नए मनी लांड्रिंग निरोधक दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है सेबी बाजार नियामक सेबी नए मनी लांड्रिंग निरोधी निदेशानिर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है। इसका मकसद पूंजी बाजार के जरिये काले धन को वैध बनाने के संभावित उपायों पर रोक लगाना है। इसके दायरे में ब्रोकर तथा म्यूचुअल फंड जैसी इकाइयां आएंगी।
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज द्वारा जुटाए गए आंकड़े के मुताबिक अप्रैल 2013 में एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट पहले स्थान पर रहा एनएसई दूसरे स्थान पर।
नागर विमानन मंत्रालय और कंपनी मामलों के मंत्रालय ने जेट एतिहाद सौदे पर कुछ चिंता जताई है। दोनों मंत्रालयों ने अंतत: घरेलू विमानन कंपनी के नियंत्रण को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में लगता है कि जेट एयरवेज और एतिहाद को 2,058 करोड़ रुपये के प्रस्तावित सौदे में स्वामित्व के ढांचे पर नए सिरे से काम करना होगा।
भारत ने सिंगापुर सहित करीब आधा दर्जन कर पनाहगाह देशों से विदेशों में गोपनीय खाते रखने वाले करीब 500 लोगों और इकाइयों की बैंकिंग और अन्य वित्तीय गतिविधियां की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क किया है।
कमजोर रुपये से देश बढ़ सकती है विदेशी कंपनियों की खरीदारी डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी गिरावट ने विदेशी कंपनियों के लिए भारत में अधिग्रहण के अवसर बढ़ा दिए हैं और आने वाले दिनों में विदेशी कंपनियां भारत में अधिग्रहण के सौदों को मूर्त रूप दे सकती हैं।
नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च ने कहा है, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था संकट में है। वृद्धि दर घट रही है, ऊंचे चालू खाते के घाटे, ऊंचे राजकोषीय घाटे और ऊंची मुद्रास्फीति से अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है।’’

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