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2जी मामले में बीजेपी बेनकाब हो गई है : सोनिया गांधी

 
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2जी मामले में बीजेपी बेनकाब हो गई है : सोनिया गांधी
नई दिल्ली: कैग के एक पूर्व अधिकारी की 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर की गई टिप्पणियों पर बवाल मच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि बीजेपी बेनकाब हो चुकी है। सरकार ने लोक लेखा समिति (पीएसी) के प्रमुख मुरली मनोहर जोशी से उनकी कथित भूमिका पर जवाब मांगा है।

उधर, बीजेपी के वरिष्ठ नेता पीएसी प्रमुख मुरली मनोहर जोशी ने कैग (नियंत्रक एवं महा लेखापरीक्षक) में पूर्व डाक एवं दूरसंचार महानिदेशक आरपी सिंह के इन आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने 2जी रिपोर्ट के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की।

जोशी ने सवाल किया कि जब सिंह पीएसी के समक्ष पेश हुए थे, तब उन्होंने यह बात क्यों नहीं बोली थी? यह पूछने पर कि क्या सिंह की टिप्पणियों से बीजेपी बेनकाब हो गई है, सोनिया ने कहा, हां, निश्चित तौर पर मैं ऐसा मानती हूं। सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि इस मुद्दे पर जोशी और कैग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि आरपी सिंह ने उपयुक्त मुद्दे उठाए हैं। जो बात सबसे महत्वपूर्ण है, वह यह है कि मई, 2010 में जब रिपोर्ट का मसविदा तैयार किया गया, तो 2645 करोड रुपये के नुकसान का आकलन किया गया, लेकिन नवंबर, 2010 में जब रिपोर्ट संसद में पेश की गई, तो नुकसान बढ़कर 1.76 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आरपी सिंह ने 1.76 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान के आंकड़े को लेकर सवाल उठाए हैं। सिंह ने कहा कि उनके सीधे प्रभार में आने वाले दूरसंचार मंत्रालय की ऑडिट करने के बाद एक मसौदा ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें हर पहलू को शामिल किया गया था। मेरी रिपोर्ट में नुकसान का कोई आंकड़ा नहीं था।

मनीष तिवारी ने जानना चाहा कि नुकसान के अनुमानित आंकड़े को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान कैग को करना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं जोशी जी का सम्मान करता हूं, लेकिन कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब उन्हें देना है।

उधर, बीजेपी का आरोप है कि कैग के पूर्व अधिकारी सरकार के हाथ का मोहरा बन रहे हैं। उन्होंने आरपी सिंह की टिप्पणियों को साजिश करार दिया। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सिंह कैग को बदनाम करने के लिए कांग्रेस और सरकार का मोहरा बन गए हैं।

इस बीच, कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने कहा कि निश्चित तौर पर कैग के कुछ निष्कर्ष अब काफी संदिग्ध हो गए हैं और ऐसे में जनता को जानने का हक है कि सच क्या है। कानून मंत्री ने कहा कि पीएसी के सदस्यों की जानगारी के बिना इसके अध्यक्ष और कैग के बीच हुई बातचीत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

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