अनुसंधानकर्ताओं ने एक समाज के अपने संसाधनों का उपयोग कर दूसरी दुनिया में जाने के लिए लगने वाले समय की गणना की है। उन्होंने पाया कि आकाशगंगा के सबसे पुराने तारों के परग्रही जीवों की सभ्यता के पास धरती तक पहुंचने के लिए पर्याप्त से ज्यादा समय था।
डिस्कवरी न्यूज ने अध्ययन दल के अगुवा और गणितज्ञ थॉमस हेयर के हवाले से बताया, ‘...या तो हम अकेले हैं या फिर उन्होंने हमें अकेला छोड़ रखा है।’ प्रकाश एक सेकंड में 1,86,000 मील की दूरी तय करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर हमारी आकाशगंगा के सबसे पुराने तारे की सभ्यता से शुरुआत की जाए तो भी उनके पास हम तक पहुंचने के लिए काफी समय था।
हेयर ने कहा, ‘... तो आखिर वे हैं कहां? या तो वे हमारे पास से गुजर चुके होंगे या फिर वे अपने ग्रह और सौर व्यवस्था में सिमटे हैं।’

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