सफलता के लिए प्रतिष्ठा उतना ही महत्वपूर्ण जितना लाभ : आनंद महिन्द्रा
महिन्द्रा ने ई-मेल के जरिए कहा, ‘‘आगे काफी चुनौतियां हैं लेकिन साथ ही उत्साह भी है, हमारा समूह ऐसा है जिसने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और उसे यह पता है कि सफलता के लिए प्रतिष्ठा उतना ही जरूरी है जितना कि लाभ।’’
उन्होंने पिछले सप्ताह अपने चाचा केशुब महिन्द्रा से कृषि उपकरण से लेकर एयरोस्पेस जैसे विविध कारोबार से जुड़े 15.4 अरब डॉलर के समूह की कमान संभाली। 57 वर्षीय महिन्द्रा वर्ष 2003 से महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लि. के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि समूह का मूल्य लोगों के उत्थान में यथासंभव मदद करना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा समूह ऐसा है जो बड़े मकसद से काम करता है, समूह को विश्वास है कि वह लोगों को उनके उत्थान में हर जगह मदद कर सकता है।’’
केशुब महिन्द्रा की अगुवाई में समूह स्टील ट्रेडिंग कंपनी से प्रमुख वाहन कंपनी बना। महिन्द्रा ने घरेलू तथा वैश्विक बाजारों में अधिग्रहण के जरिए समूह को विविध कारोबार से जोड़ने और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। समूह ने सैंगयोंग मोटर्स, रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी, सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज, एयरोस्टाफ ऑस्ट्रेलिया तथा गिप्सलैंड एयरोनोटिक्स समेत अन्य कंपनियों का अधिग्रहण किया।
महिन्द्रा ने कहा, ‘‘यह समूह 21वीं सदी में आदर्श बन रहा है और मैं इसकी बागडोर संभालकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’’
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Dazzling beauties Deepika, Preity, Veena
Sakshi, before she became Mrs Dhoni