आगे की रणनीति तय करने के लिए अन्ना कर रहे हैं सहयोगियों से बात
बैठक में अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, संतोष हेगड़े, मनीष सिसौदिया समेत अन्य लोग शामिल हुए। राजनीतिक विकल्प का रास्ता चुनने के मुद्दे पर पूर्ववर्ती टीम अन्ना में मतभेद है।
हजारे ने कल साफ किया कि वह भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के राजनीतिक राह पकड़ने के खिलाफ हैं और केजरीवाल से उन्होंने कहा कि वह उनसे (अन्ना से) यह उम्मीद नहीं करें कि वह (अन्ना) उनके सभी उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे।
भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के राजनीतिक रास्ता अख्तियार करने का विरोध कर रहे समर्थकों के एक समूह को संबोधित करते हुए हजारे का यह बयान आया। वह कल इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे।
हजारे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने अरविंद को (पिछले महीने जंतर मंतर पर हुए अनशन के दौरान) कह दिया था कि अगर वह पार्टी का गठन करना चाहते हैं तो करें लेकिन मैं उसका हिस्सा नहीं होऊंगा।’’ हजारे ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि अगर उनके 1000 उम्मीदवार होंगे तो मैं उन सबका समर्थन करूंगा। ऐसा नहीं होगा।’’
इस हफ्ते यह तीसरा मौका है जब अन्ना ने खुलकर पार्टी के गठन के विरोध में अपनी बातें रखी हैं। पहले एक वीडियो पोस्ट में और फिर रविवार को उन्होंने ब्लॉग में पार्टी गठन का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे पार्टी का गठन करना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने दीजिए। हमें परवाह नहीं है। हम उनके साथ नहीं जाएंगे। यह हमारा रास्ता नहीं है .. कई लोगों ने मुझसे कहा है कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं।’’
केजरीवाल टीम की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कह दिया है कि अगर वे चुनाव लड़ना चाहते हैं तो लड़ें। मैं इसमें उनके साथ नहीं हूं।’’ हजारे ने चुनाव नहीं लड़ने के इच्छुक लोगों से कहा कि उन्हें अब बड़ा आंदोलन करना होगा जो रामलीला मैदान में पिछले साल अगस्त में हुए आंदोलन से भी बड़ा होना चाहिए।
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