आदर्श घोटाला : अशोक चव्हाण ने फिर देशमुख पर उठाई अंगुली
अपनी पहली पेशी के दौरान चव्हाण ने खुद को पूरे मामले से अलग कर लिया था।
चव्हाण ने कहा था कि राजस्व मंत्री का काम सिर्फ फाइल को आगे बढ़ाना होता है। चव्हाण ने यह भी कहा था की मुंबई और पुणे के किसी भी जमीन के आवंटन का आखरी फैसला मुख्यमंत्री लेते हैं।
चव्हाण ने कमिशन के सामने आदर्श से जुड़ी सभी फाइलों की जिम्मेदारी तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख और बाबुओं पर डाल दी। चव्हाण ने दावा किया कि आदर्श सोसाइटी मे 40 फीसदी सिविलियन को लेने का फैसला भी उनका नहीं था।
इसके पहले पेश हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे और विलासराव देशमुख ने भी सारी जिम्मेदारी राजस्व और वित्त मंत्रालय पर डाल दी थी। शिंदे और देशमुख ने दावा किया था कि आदर्श से जुड़ी सभी फाइलें उनके कार्यकाल से पहले ही पास हो गई थीं और उन्हें बाबुओं ने सोसाइटी और जमीन के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

At Cannes, Vidya's nose ring can't outshine Sonam
The Reluctant moviegoers: Priyanka, Konkona