नवगठित एक्शन कमिटि एगेंस्ट करप्शन इन इंडिया के समारोह को संबोधित करते हुए योगगुरु ने कहा, ‘जटिल सरकार, कुटिल तंत्र और विदेशी प्रपंच के खिलाफ जनता की आवाज पर देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला देते हुए 122 लाइसेंसों को रद्द करके सरकार की नीतियों को गलत साबित कर दिया है।’ उन्होंने कहा कि यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है, क्योंकि केवल एक मंत्री नहीं बल्कि सरकार की पूरी नीति को गलत बताया गया है, जबकि सरकार बेशर्मी से कहती है कि अदालत ने उसे कुछ नहीं कहा।
रामदेव ने आरोप लगया, ‘सत्ता के शीर्ष पर बैठे अनेक लोगों की विदेशी खुफिया एजेंसियों से सांठगांठ है। हिन्दुस्तान कोई और चला रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर इसकी जांच की जाए तो देश में एक नहीं सैकड़ों 'गद्दाफी' सामने आएंगे जो अपने ही देश को लूट रहे हैं।’

Neha Dixit reaches Switzerland