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द्वीप विवाद : चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन, कम्पनियों में कामकाज स्थगित

 
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बीजिंग: द्वीप विवाद को लेकर चीन में जापान विरोधी प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा, जिसके कारण यहां स्थित कई जापानी कम्पनियों ने अपने कामकाज स्थगित कर दिए हैं। बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। इसे देखते हुए दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

विरोध प्रदर्शनों के कारण कैनन, पैनासोनिक, टोयोटा, होंडा जैसी जापानी कम्पनियों ने अपने कारखानों में काम-काज स्थगित कर दिए हैं। कार निर्माता टोयोटा और होंडा सहित प्रमुख जापानी कम्पनियों पर सप्ताहांत में हमले हुए थे।

इस बीच चीनी रक्षा मंत्री लियांग गुआंगली ने कहा कि बीजिंग को जापान के साथ इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की आशा है।

विरोध प्रदर्शन देशभर में फैलने के बाद चीन सरकार ने जापानी कम्पनियों, नागरिकों और सम्पत्ति की हिफाजत करने का संकल्प लिया तथा प्रदर्शनकारियों से सभ्य, बौद्धिक व कानून के दायरे में रहते हुए विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया।

अलजजीरा के अनुसार, सरकार की ओर से यह संकल्प तब लिया गया है, जब प्रमुख जापानी कम्पनियों ने यहां स्थित अपने कारखाने बंद कर दिए हैं और बाहरी श्रमिकों से घरों के अंदर बने रहने का आग्रह किया है।

जापानी कम्पनियों ने यह कदम तब उठाया है, जब पिछले सप्ताह जापान द्वारा तीन विवादित द्वीपों को खरीदने की घोषणा किए जाने के बाद क्रुद्ध प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस द्वीप समूह को टोक्यो सेनकाकू कहता है और बीजिंग में इसे दियाओयू के नाम से जाना जाता है।

ये द्वीप दोंनों देशों के बीच विवाद के जड़ बने हुए हैं, जिसके कारण दोनों पक्षों में नौसैन्य संघर्ष की आशंका बनी हुई है।

जापानी मीडिया के अनुसार, जापानी तटरक्षकों ने कहा है कि कई चीनी पोत द्वीपों के पास समुद्र में लंगर डाले हुए हैं। यह स्थिति मंगलवार को दो जापानी कार्यकर्ताओं के द्वीप पर संक्षिप्त समय के लिए द्वीप पर पहुंचने के बाद बनी है।

बीबीसी के अनुसार, इस बीच चीनी रक्षा मंत्री लियांग गुआंगली ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि बीजिंग को जापान के साथ इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की आशा है।

पनेटा, गुआंगली के साथ बातचीत के लिए बीजिंग में थे। लेकिन इस दौरान उन्होंने इस विवाद का जिक्र नहीं किया। लेकिन इसके पहले सोमवार को वह टोक्यो में थे और वहां उन्होंने इस विवाद के और बढ़ने की चेतावनी दी थी, तथा दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था।

ज्ञात हो कि चीन और जापान के बीच आर्थिक सम्बंधों के कारण इधर काफी नजदीकी रही है। कई जापानी कम्पनियां चीन में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं और दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष दोतरफा व्यापार 342.9 अरब डॉलर का था। लेकिन ताजा विवाद के कारण ये सम्बंध फिर तनावपूर्ण हो गए हैं।

कैनन ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए चीन में स्थित अपने चार में से तीन कारखाने सोमवार व मंगलवार के लिए बंद कर दिए हैं। पैनासॉनिक ने भी ऐसा ही कदम उठाया है।

चीन में साल में लगभग 970,000 वाहन बनाने वाली होंडा ने मंगलवार और बुधवार के लिए सभी पांचों संयंत्र बंद कर दिए हैं। निसान ने भी अपने तीन में से दो कारखाने बंद कर दिए हैं। माजदा मोटर कार्प ने मंगलवार से चार दिनों के लिए नैनजिंग स्थित अपना कारखाना बंद कर दिया है।

इस बीच जापानी प्रसारणकर्ता एनएचके ने मछली पकड़ने वाली एक जापानी नौका के एक विवादित द्वीप के पास होने के चित्र जारी किए।

इसके पहले एक संवाददाता सम्मेलन में जापानी मुख्य कैबिनेट सचिव ओसामू फुजिमुरा ने कहा कि जापानी नागरिक बाद में अपनी नौका के साथ समुद्र से बाहर आ गए।

चीनी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि दो लोगों का द्वीप पर पहुंचना उकसावे वाला कदम था और इस बारे में टोक्यो से शिकायत की गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने एक बयान में कहा, 'हम विवाद को बढ़ाने वाली हर तरह की कार्रवाई को रोकने के लिए जापान से प्रभावी उपाय करने का आग्रह करते हैं। साथ ही चीन अगला कदम उठाने का अधिकार भी रखता है।'

इस बीच जापान ने अपने नागरिकों को सचेत किया है कि मंगलवार को और व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं, क्योंकि चीन युद्ध के दौरान जापान द्वारा चीन के कुछ हिस्सों पर किए गए कब्जे की बरसी मना रहा है।

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