उसने कहा कि कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती, क्योंकि निचली अदालत के इस निर्णय के खिलाफ अभी भी उच्च न्यायालय और उसके बाद शीर्ष अदालत में जाने के रास्ते खुले हैं। मुख्य विपक्षी दल के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘इस फैसले से न तो सरकार की भ्रष्ट छवि बदल जाएगी और न ही इसके खिलाफ हमारे अभियान की तीव्रता में कोई कमी आएगी। ...चिदंबरम की राजनीतिक जवाबदेही का मामला जीवंत रहेगा। हम राष्ट्र के सामने इस बड़े घोटाले में चिदंबरम की जवाबदेही को उठाते रहेंगे।’’
उन्होंने कहा कि चिदंबरम को 2जी मामले में अभियुक्त बनाने की दलील को खारिज करने का फैसला निचली अदालत का है। इसके बाद दो अन्य उच्च अदालतें हैं, जहां इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इसलिए मामला यहीं खत्म नहीं हो जाता।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि चिदंबरम के खिलाफ बहुत से सबूत हैं। जनता के मन में गृहमंत्री से बहुत से प्रश्न हैं। देश उनका जवाब चाहता है, जिसे सरकार को देना होगा। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता यह फैसला निराश करने वाली बात है, क्योंकि कहानी यहीं खत्म होने नहीं जा रही है। अभी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में जाने के रास्ते खुले हैं।’’

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