बोल्ट, फेल्प्स के करिश्मे ने बनाया लंदन ओलिंपिक को यादगार
आतंकवादी हमले की धमकियों के साये में शुरू हुए लंदन ओलिंपिक के दौरान कभी भूमिगत ट्रेन की तकनीकी गड़बड़ियों तो कभी यातायात समस्या के कारण सुखिर्या बनी लेकिन आखिर में सभी को याद रहेगी तो खिलाड़ियों की आशातीत उपलब्धियों की सौगात।
खेल विवाद से अछूते भी नहीं रहे। जान बूझकर हारने वाले आठ बैडमिंटन खिलाड़ियों को स्वदेश भेजा गया। आयोजकों को खाली दर्शक दीर्घाओं को भरने के लिए ऐन मौके पर टिकटें बेचनी पड़ीं। यूनान के एक एथलीट ने टि्वटर पर नस्लवादी टिप्पणियां की तो एक स्विस फुटबॉलर ने दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी को अपशब्द कहे।
सोशल मीडिया पर छाये पहले ओलिंपिक खेलों में मैदान पर होने वाली हर गतिविधि की पल-पल की खबर फेसबुक और टि्वटर पर मिलती रही।
जमैकाई फर्राटा किंग बोल्ट ने 100 मीटर में 9.63 सेकंड का समय निकालकर इतिहास रच दिया। वहीं 200 मीटर में उन्होंने 19.32 सेकंड का समय निकाला। लगातार दो ओलिंपिक में दोनों फर्राटा दौड़ जीतने वाले वह पहले एथलीट हो गए।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Sakshi, before she became Mrs Dhoni