आप यहां हैं : होम » खेल-खिलाड़ी »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

ओलिंपिक : देवेंद्रो हारे, मुक्केबाजी में भारतीय चुनौती समाप्त

 
email
email
ओलिंपिक : देवेंद्रो हारे, मुक्केबाजी में भारतीय चुनौती समाप्त

PLAYClick to Expand & Play

लंदन: भारत के युवा मुक्केबाज देवेंद्रो सिंह बुधवार रात क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबले में आयरलैंड के पैडी बर्नेस से हार गए।

इस तरह से भारत का लंदन ओलिंपिक में मुक्केबाजी में अभियान भी समाप्त हो गया जिसमें बीजिंग ओलिंपिक की तरह केवल एक कांस्य पदक ही उसके हाथ लगा।

20 वर्षीय देवेंद्रो ने पूरे दमखम के साथ मुकाबला लड़ा लेकिन वह अपने से अधिक दमदार प्रतिद्वंद्वी से पार नहीं पा सके और पुरुष वर्ग के लाइट फ्लाईवेट (49 किग्रा भार वर्ग) में 18-23 से हार गए। इससे देवेंद्रो का सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम कांस्य पदक पक्का करने का सपना पूरा नहीं हो पाया। भारतीय दल हालांकि इस बड़े स्कोर वाले मुकाबले के परिणाम से नाखुश दिखा और उसने दावा किया कि रेफरी ने भारतीय मुक्केबाज के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाया। देवेंद्रो को दूसरे राउंड में एक बार चेतावनी भी दी गई थी। देवेंद्रो के बाहर होने से मुक्केबाजी रिंग में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। महिला वर्ग में एमसी मैरीकाम भी सेमीफाइनल में हार गईं लेकिन वह पहली बार ओलिंपिक में शामिल महिला मुक्केबाजी में कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहीं। दर्शकों के अपार समर्थन के बीच बर्नेस ने पहले राउंड में 7-5 से बढ़त हासिल की। उन्होंने शुरू से ही देवेंद्रो पर दबदबा बनाए रखने की कोशिश की। दोनों मुक्केबाजों ने आक्रामक अंदाज में मुकाबले की शुरुआत की और एक दूसरे पर खूब मुक्के बरसाये लेकिन आयरिश मुक्केबाज को उनके अनुभव का फायदा मिला। तीसरे और अंतिम राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने फिर से एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश की लेकिन देवेंद्रो वापसी के लिए अधिक बेताब दिखे। बर्नेस तब तक मजबूत बढ़त पर थे और उन्हें तीसरे राउंड में चेतावनी मिली, लेकिन उन्होंने देवेंद्रो को वापसी का मौका नहीं दिया। आयरिश समर्थकों से भरा स्टेडियम बर्नेस की जीत के साथ ही खुशी में झूमने लगा। वह 10 अगस्त को होने वाले सेमीफाइनल में चीन के शीर्ष वरीयता प्राप्त शिमिंग जोउ से भिड़ेंगे।

जोउ ने क्वार्टर फाइनल में कजाखिस्तान के बिरजान जाखिपोव को 13-10 से हराया। भारतीयों ने हालांकि अंक प्रणाली पर फिर से उंगली उठाई और दावा किया कि देवेंद्रो के खिलाफ गलत रवैया अपनाया गया। भारत के विदेशी कोच बीआई फर्नाडिस ने बाउट के बाद कहा, हमारे मुक्केबाजों के खिलाफ बहुत अधिक गलतियां की गईं। वह (बर्नेस) सही जगह पर हिट नहीं कर रहा था लेकिन तब भी उसे अंक मिल रहे थे। यह सही नहीं था। उन्होंने कहा, रेफरिंग बहुत खराब थी। केवल इसी बाउट में नहीं बल्कि भारतीयों की अधिकतर बाउट में रेफरिंग अच्छी नहीं रही। यह दुखद है लेकिन हमें इसी के साथ आगे बढ़ना होगा। हम बहुत निराश हैं। हमें यहां पदक मिलना चाहिए था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement