मोइली ने कहा, रियायती गैस सिलेंडर की संख्या नौ होगी; चुनाव आयोग नाराज
Bhasha,
Last Updated: दिसम्बर 12, 2012 01:51 AM IST
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दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडरों की संख्या बढ़ाने के सरकार के कदम का संज्ञान लिया और इसे तत्काल रोकने का निर्देश दिया है।
मोइली ने कहा ‘मेरा मानना है कि यह संख्या छह से बढ़कर नौ तक अवश्य पहुंचेगी।’ सरकार ने सब्सिडी बोझ को कम करने के उद्देश्य से सितंबर में सब्सिडी पर मिलने वाले घरेलू गैस सिलेंडर की संख्या छह पर सीमित कर दी थी।
परिवार में इससे अधिक सिलेंडर की जरूरत पड़ने पर इसकी खरीदारी 931 रुपये के बाजार मूल्य पर करनी होगी। दिल्ली में फिलहाल सस्ता सब्सिडी युक्त गैस सिलेंडर 410.50 रुपये में उपलब्ध है।
मोइली ने कहा कि सस्ते सिलेंडर की सीमित संख्या बढ़ाने का निर्णय फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में जल्द ही लिया जा सकता है। उन्होंने कहा ‘मेरा मानना है कि जितनी जल्दी हो सकेगा उतना जल्द यह निर्णय होगा।’ उन्होंने कहा वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ इस मुद्दे पर उनकी दो दौर की बातचीत हो चुकी है। यदि सस्ते सिलेंडर की संख्या बढ़ाई जाती है तो सरकार को इसके लिए 9,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध करानी होगी।
मोइली ने कहा ‘हम इस पर काम कर रहे हैं।’ सिलेंडर की संख्या बढ़ने से बढ़ी हुई सब्सिडी की भरपाई के लिए फार्मूले पर काम हो रहा है।
इधर, सरकारी छूट को सीधे बैंक खातों में पहुंचाने की योजना लागू किए जाने से कुछ सप्ताह पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि आधार कार्ड धारकों की सीमित संख्या को देखते हुए इस योजना को लागू करना आसान नहीं होगा।
सरकार ने देश के चयनित 51 जिलों में एक जनवरी से योजना के पहले चरण की शुरुआत करने का फैसला किया है।
इंडिया एनर्जी फोरम और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा यहां आयोजित 11वें पेट्रो इंडिया कान्फ्रेंस में पेट्रोलियम सचिव जीसी चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्यक्ष नकदी हस्तांतरण एक ‘बहुत अच्छी अवधारणा है क्योंकि इससे दुरुपयोग रुकेगा जो अभी एलपीजी विपणन में हो रहा है।’
इस स्कीम के तहत सरकार 520.50 रुपये की नकद सब्सिडी एलपीजी उपभोक्ता के बैंक खाते में डालेगी और जनता इसे 931 रुपये प्रति सिलेंडर की बाजार कीमत पर खरीदेगी। उन्होंने कहा, ‘... लेकिन नकदी हस्तांतरण आसान नहीं है क्योंकि आधार कार्ड धारकों की संख्या बहुत कम है। 120 करोड़ लोगों की आबादी में से केवल 20 करोड़ लोगों को आधार के लिए नामांकित किया गया है।’
चतुर्वेदी ने कहा, ‘उन जिलों में जहां आधार कार्डधारकों की संख्या 80.90 प्रतिशत से कम है, वहां प्रत्यक्ष नकदी हस्तांतरण योजना चलाना कठिन होगा। ऐसे स्थानों में हम सब्सिडी के नकद हस्तांतरण के लिए आधार कार्ड को आधार नहीं बना सकते।’ उन्होंने कहा कि एलपीजी के मामले में नकदी के सीधे हस्तांतरण की योजना को पहले 20 जिलों में लागू किया जाएगा और शेष 31 जिलों में इसे फरवरी अथवा मार्च तक लागू किया जाएगा।
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First Published:
दिसम्बर 11, 2012 06:22 PM IST


