देश का 82वां, अपना 8वां बजट पेश करेंगे वित्तमंत्री पी चिदम्बरम
अगस्त 1947 में आजादी हासिल करने के बाद देश में अब तक 25 मंत्रियों ने वित्त प्रभार सम्भाला है। इस दौरान 81 बार बजट पेश किए गए, जिनमें से 65 साधारण सालाना बजट थे, 12 अंतरिम बजट थे और चार विशेष अवसर के बजट थे, जिसे छोटा बजट भी कहा जाता है।
मोरारजी देसाई ने आठ बार साधारण और दो बार अंतरिम बजट पेश किया था, जिससे उनका आंकड़ा 10 हो गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। गुरुवार को बजट प्रस्तुत करने के बाद चिदम्बरम अपने पूर्ववर्ती प्रणब मुखर्जी के आठ बजट पेश करने के आंकड़े की बराबरी कर लेंगे। मुखर्जी अब राष्ट्रपति हैं।
यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने सात-सात बार बजट प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और देश के चौथे वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने छह-छह बार बजट प्रस्तुत किया है।
आर वेंकटरमण और एचएम पटेल ने तीन-तीन बार बजट प्रस्तुत किया है। जसवंत सिंह, वीपी सिंह, सी सुब्रह्मण्यम, जॉन मथाई और आरके शनमुखम शेट्टी ने दो-दो बार बजट प्रस्तुत किया है।
प्रधानमंत्री रहते हुए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले और एक-एक बार बजट प्रस्तुत करने वालों में हैं जवाहर लाल नेहरू, उनकी पुत्री इंदिरा गांधी और उनके नाती राजीव गांधी।
चरण सिंह, एनडी तिवारी, मधु दंडवते, एसबी चव्हाण और सचिंद्र चौधरी ने भी एक-एक बार बजट प्रस्तुत किया।
आजादी के बाद बने 25 वित्त मंत्रियों में से वित्त प्रभार सम्भालने वाले दो नेताओं इंदर कुमार गुजराल और हेमवती नंदन बहुगुना को अत्यधिक छोटे कार्यकाल के कारण बजट प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाया।
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