सीबीआई को 1993 से कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच का निर्देश
Indo Asian News Service,
Last Updated: सितम्बर 24, 2012 08:55 PM IST
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को 1993 के बाद से सभी कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच करने के लिए कहा। यह जानकारी सीबीआई के एक सूत्र ने दी।
सीवीसी ने इससे पहले सीबीआई को 2006 से 2009 के बीच आवंटित कोयला ब्लॉक की जांच करने की जिम्मेदारी दी थी।
एक सूत्र ने बताया, "सीवीसी ने जांच एजेंसी से कहा कि वह कोयला आवंटन के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई प्रणाली की जांच करे। आवंटन के दौरान अपनाए गए शर्त और दिशानिर्देश की निश्चित रूप से जांच होनी चाहिए।"
एजेंसी से कहा गया कि 1993 से 2006 के बीच आवंटन के लिए कम्पनी का चुनाव करने के लिए अपनाई गई प्रणाली की जांच करे। और यह देखे कि इन दिशानिर्देशों का पालन किया गया या नहीं और कैसे संयुक्त उपक्रम साझेदार का चुनाव किया गया।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हाल की रिपोर्ट के मुताबिक कोयला ब्लॉक का आवंटन नहीं करने के कारण निजी कम्पनियों को 1.86 लाख करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ।
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सीवीसी ने इससे पहले सीबीआई को 2006 से 2009 के बीच आवंटित कोयला ब्लॉक की जांच करने की जिम्मेदारी दी थी।
एक सूत्र ने बताया, "सीवीसी ने जांच एजेंसी से कहा कि वह कोयला आवंटन के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई प्रणाली की जांच करे। आवंटन के दौरान अपनाए गए शर्त और दिशानिर्देश की निश्चित रूप से जांच होनी चाहिए।"
एजेंसी से कहा गया कि 1993 से 2006 के बीच आवंटन के लिए कम्पनी का चुनाव करने के लिए अपनाई गई प्रणाली की जांच करे। और यह देखे कि इन दिशानिर्देशों का पालन किया गया या नहीं और कैसे संयुक्त उपक्रम साझेदार का चुनाव किया गया।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की हाल की रिपोर्ट के मुताबिक कोयला ब्लॉक का आवंटन नहीं करने के कारण निजी कम्पनियों को 1.86 लाख करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ।
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First Published:
सितम्बर 24, 2012 08:17 PM IST
