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सैन्य अधिकारी होने के नाते जनरल मुशर्रफ की तारीफ करूंगा : वीके सिंह

 
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सैन्य अधिकारी होने के नाते जनरल मुशर्रफ की तारीफ करूंगा :   वीके सिंह
नई दिल्ली: भारतीय सेना पूर्व प्रमुख जनरल वीके सिंह ने पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ की तारीफ की है कि करगिल युद्ध से पहले उन्होंने भारतीय सीमा में करीब 11 किलोमीटर अंदर आकर एक रात गुजारी थी।

1999 की इस घटना पर बोलते हुए जनरल सिंह ने कहा, 'एक सेना का अधिकारी होने के नाते मैं जनरल मुशर्रफ की तारीफ करना चाहूंगा कि वह दुश्मन के क्षेत्र में 11 किलोमीटर भीतर तक आए और अपने सैनिकों के साथ रात गुजारी। यह उनकी बहादुरी का एक प्रमाण है। वहीं, दूसरी ओर हमारी तरफ से क्या हुआ यह आप सभी जानते हैं। आखिर हमने उन्हें भीतर क्यों आने दिया? हमारी ओर से भी कई कमियां थीं।'

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी कर्नल अशफाक हुसैन ने हाल ही में दावा किया कि मार्च 1999 में, यानि करगिल युद्ध से पहले, जनरल मुशर्रफ एक हेलिकॉपटर से नियंत्रण रेखा के उस पार गए और जिकरिया मुस्ताकर नामक जगह पर रात गुजारी थी। कर्नल हुसैन ने यह सारी बातें अपनी किताब 'विटनेस टू ब्लंडर : करगिल स्टोरी अनफोल्ड्स' में कही है। एक टीवी शो में भी कर्नल ने सारी बातें दोहराई हैं।

करगिल युद्ध के समय सेना प्रमुख रहे जनरल वीपी मलिक ने एनडीटीवी से कहा कि सेना के पास रिपोर्ट थी कि पहली पाकिस्तानी निगरानी टुकड़ी ने नियंत्रण रेखा तब पार की थी जब फरवरी में भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नवाज शरीफ लाहौर में शांति प्रक्रिया के तहत वार्ता कर रहे थे। इस वार्ता के लिए वाजपेयी बस द्वारा लाहौर गए थे।

जनरल मलिक का कहना है कि करगिल युद्ध की योजना बना चुके जनरल मुशर्रफ ने इस समय को इसीलिए नियंत्रण रेखा को पार करने के लिए उचित समझा। इसी के साथ जनरल मुशर्रफ ने सैनिकों को यह भी आश्वासन दिया कि योजना के तहत ही कार्रवाई होगी। यह संभव है कि मार्च 1999 में मुशर्रफ ने करगिल सीमा पर गए हों, लेकिन नियंत्रण रेखा को पार किया कि नहीं, यह मैं कह नहीं सकता।'

अपनी किताब में कर्नल हुसैन ने कहा कि करगिल युद्ध की योजना मेजर जनरल जावेद हस्सन, जनरल महमूद और जनरल अजीज ने बनाई थी। इन तीनों ने बाद में अपनी योजना के लिए जनरल परवेज मुशर्रफ से मंजूरी भी ले ली।

वहीं जियो टीवी को दिए एक साक्षात्कार में जनरल मुशर्रफ ने कहा कि करगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को भारी कामयाबी मिली थी। उनका कहना है कि अगर तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अमेरिका में न जाते और अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दबाव में न आते तो हम भारत का 300 वर्ग मील क्षेत्र पाकिस्तान में मिला चुके होते।

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